सांची। सरकारी राशन की दुकान चलाने वालों की मनमानी जब हद से बाहर हो गई, तो ग्रामीणों का सब्र टूट गया। रायसेन जिले के सांची थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मेढकी में उस समय हड़कंप मच गया, जब राशन न मिलने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने रायसेन रोड पर डेरा डाल दिया और चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
क्या है पूरा मामला?
मेढकी ग्राम पंचायत में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पिछले काफी समय से विवादों के घेरे में है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि दुकान संचालक और समूह द्वारा भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। इस बार गुस्से का मुख्य कारण गेहूं का वितरण न होना रहा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें बार-बार चक्कर लगवाए जाते हैं, लेकिन जब राशन देने की बारी आती है, तो स्टॉक खत्म होने या अन्य बहाने बनाकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, प्रशासन को घेरा
भूख और व्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने तय किया कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। नारेबाजी करते हुए ग्रामीण रायसेन मुख्य मार्ग पर जमा हो गए और आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। सूचना मिलते ही सांची थाना प्रभारी जयप्रकाश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सलामतपुर पुलिस को भी मदद के लिए बुलाया गया।
बड़े अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
चक्काजाम की खबर मिलते ही रायसेन एसडीएम मौर्य, तहसीलदार, एसडीओपी और नायब तहसीलदार ललित सक्सेना मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि समूह द्वारा संचालित इस दुकान में भ्रष्टाचार चरम पर है और पात्र हितग्राहियों को उनके हक का अनाज नहीं मिल रहा है।
अधिकारियों ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाया:
एसडीएम रायसेन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राशन दुकान संचालक के विरुद्ध तत्काल जांच के आदेश जारी किए।
अनियमितता पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
अधिकारियों के लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई के भरोसे के बाद ही ग्रामीणों ने सड़क से हटकर जाम खोला।
समूह की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि यह उचित मूल्य की दुकान एक स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समूह के लोग सरकारी नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी कर रहे हैं। स्टॉक रजिस्टर और वितरण प्रणाली में भारी अंतर होने की भी आशंका जताई गई है। अब प्रशासन की जांच में यह साफ होगा कि गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले असली चेहरे कौन हैं।
फिलहाल आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो गया है, लेकिन मेढकी का यह विरोध प्रदर्शन शासन और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि राशन वितरण में हो रही धांधली को जनता अब और बर्दाश्त नहीं करेगी।