
महराजगंज, उत्तर प्रदेश। यूपी के महराजगंज जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है। भिटौली थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक को उसकी पत्नी, ससुर और साले ने शराब के नशे में आने के आरोप में रस्सी से बांधकर जमकर पीटा। चौंकाने वाली बात यह रही कि घटनास्थल पर भीड़ मौजूद थी, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं दिखाई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
पत्नी के आरोप और दामाद की सफाई, दोनों पक्षों में तनातनी
पीड़ित युवक कुशीनगर जिले के नेबुआ नवरंगिया थाना क्षेत्र के पिपरा गांव का रहने वाला है। उसकी शादी महराजगंज के इस गांव में चार साल पहले हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच रिश्ते सामान्य नहीं थे। लगातार झगड़े और मारपीट के कारण पत्नी पिछले चार वर्षों से मायके में रह रही थी।
घटना के दिन युवक शराब के नशे में ससुराल पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा, जिससे गुस्से में आकर ससुराल पक्ष ने उसे बांधकर पीट दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक के हाथ-पैर बांध दिए गए थे और उसे लाठी-डंडों से मारा जा रहा था।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में, जांच जारी
भीड़ में से किसी ने इस हिंसक घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस को सूचना दी गई। भिटौली थाने की टीम मौके पर पहुंची और युवक को छुड़ाया।
पीड़ित का आरोप: “मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है”
पीड़ित युवक का कहना है, “मेरी पत्नी अब अपने जीजा के साथ रहती है। मेरी सास कहती है कि मुझे जेल भिजवाकर प्रॉपर्टी बेटी के नाम करवा लेगी।” वहीं, ससुराल पक्ष ने युवक पर लगातार शराब पीकर उत्पात मचाने, गाली-गलौज करने और हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं। ससुरालवालों का कहना है कि मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस का बयान: कानून से ऊपर कोई नहीं
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने बताया कि घटना का संज्ञान लिया गया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषी किसी भी पक्ष का हो, उसके खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटा जनमत
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां लोग भीड़ की संवेदनहीनता और कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग ससुराल पक्ष की पीड़ा को भी समझने की बात कह रहे हैं।