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राजा रघुवंशी हत्याकांड: क्या सोनम का 'संजय वर्मा' कनेक्शन खोलेगा नए राज? 112 कॉल, दो और 'राजदार' और कई अनसुलझे सवाल!

2025-06-18  Amit raikwar  847 views

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इंदौर, मेघालय, गाजीपुर: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं! मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के मोबाइल कॉल डिटेल्स ने अब सनसनी फैला दी है. पता चला है कि सोनम वारदात से ठीक पहले 'संजय वर्मा' नाम के एक शख्स के लगातार संपर्क में थी. 1 मार्च से 25 मार्च के बीच सोनम ने संजय वर्मा को पूरे 112 बार कॉल किया! इस नए खुलासे से अब पुलिस का शक गहरा गया है कि हत्या की साजिश में सिर्फ राज कुशवाहा ही नहीं, बल्कि कई और चेहरे भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस इस 'संजय वर्मा' की तलाश में है.

गाजीपुर तक सोनम के साथ थे दो 'रहस्यमयी' लोग?

कुछ दिनों पहले ही सोनम के वाराणसी से गाजीपुर तक के सफर की कहानी भी सामने आई थी, जिसने दो और मददगारों की तरफ इशारा किया था. गाजीपुर की उजाला यादव ने दावा किया था कि 8 जून की रात उसने वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सोनम को देखा था. सोनम के साथ दो युवक भी थे, जिनके चेहरे ढके हुए थे. उजाला ने बताया कि सोनम पहले ट्रेन से गोरखपुर जाना चाहती थी, लेकिन ट्रेन सुबह थी, इसलिए वह बस में चढ़ गई.

और चौंकाने वाली बात यह है कि बस यात्रा के दौरान जब उजाला अपने फोन पर राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े वीडियो देख रही थी, तो सोनम ने उसे ऐसा करने से मना किया! सोनम ने उजाला से उसका फोन लिया, एक नंबर टाइप किया लेकिन कॉल नहीं की, और फिर उस नंबर को डिलीट कर दिया. ये सभी बातें सोनम के साथ अन्य लोगों की मौजूदगी और उनकी संभावित भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

ढाबे वाले की गवाही और दूसरा 'राजदार' का कनेक्शन!

गाजीपुर में एक काशी टी स्टॉल से सोनम ने सबसे पहले अपने भाई गोविंद को फोन किया था. टी स्टॉल के मालिक साहिल यादव ने भी पुष्टि की कि सोनम किसी बदहवास हालत में नहीं थी, बल्कि सामान्य रूप से एक गाड़ी से उतरकर दुकान तक पहुंची थी. सोनम की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस मान रही थी कि इस पूरे कांड में उसके और भी साथी शामिल थे. अब कॉल रिकॉर्ड्स में 'संजय वर्मा' का नाम सामने आना इस बात को और पुख्ता करता है कि सोनम को किसी और से भी मदद मिल रही थी.

मेघालय पुलिस के रडार पर कई सवाल:

 * क्या संजय वर्मा ही सोनम का मुख्य मददगार था?

 * सोनम को वाराणसी और फिर गाजीपुर तक किसने पहुंचाया?

 * वाराणसी तक सोनम के साथ आए दोनों युवकों की पहचान क्या है, और वे अब कहां हैं?

पुलिस को शक है कि आरोपियों ने इन कॉल्स के लिए फर्जी सिम का इस्तेमाल किया हो सकता है, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे.

शिलांग पुलिस इंदौर पहुंची, मिले महत्वपूर्ण सुराग!

मंगलवार को शिलांग पुलिस इंदौर पहुंची और राजा रघुवंशी के घर जाकर उनके परिवार से करीब एक घंटे तक पूछताछ की. पुलिस ने राजा की मां और दोनों भाइयों से सोनम के व्यवहार, उसके पारिवारिक संबंधों और हनीमून यात्रा से जुड़े पहलुओं पर गहन सवाल किए. शिलांग पुलिस ने उस फ्लैट की भी तलाशी ली जहां राजा की हत्या के बाद सोनम रुकी थी.

हत्या में इस्तेमाल दूसरा हथियार भी बरामद, साजिश की परतें खुलीं!

मंगलवार को ही शिलांग पुलिस ने हत्या स्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएशन किया. इस दौरान वह दूसरा हथियार भी बरामद हो गया, जो अब तक गायब था. पुलिस का कहना है कि राजा की हत्या में दो हथियारों का इस्तेमाल हुआ था, जिनमें से दूसरा अब बरामद कर लिया गया है.

शिलांग पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह सुपारी किलिंग नहीं थी. राज कुशवाह ने अपने दोस्तों आकाश, विशाल और आनंद को हत्या के लिए तैयार किया था, और इसके लिए कोई बड़ी रकम नहीं दी गई, सिर्फ 59,000 रुपये खर्च के लिए दिए गए थे.

तीन बार फेल, चौथी बार हुआ कत्ल!

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने राजा की हत्या की कोशिश चार अलग-अलग जगहों पर की थी. पहली कोशिश गुवाहाटी में, दूसरी नोंघरियाह में, और तीसरी मावलखियात में विफल रही. आखिरकार, 23 मई को वैसेडॉन्ग फॉल्स के पास राजा की हत्या को अंजाम दिया गया.


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