मंदसौर (सीतामऊ): मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीतामऊ पुलिस ने प्याज के कट्टों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा 14 क्विंटल अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। पकड़े गए माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से राजस्थान के दो शातिर तस्करों को भी दबोचा है।
प्याज के कट्टों में छिपा था मौत का सामान
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक नायाब तरीका अपनाया था। एक आयशर ट्रक (क्रमांक RJ 09 GE 2875) में ऊपर से प्याज के कट्टे भरे हुए थे ताकि किसी को शक न हो। लेकिन साताखेड़ी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक ओ.पी. राठौर को मुखबिर से पक्की सूचना मिल चुकी थी कि इस प्याज की आड़ में नशे की बड़ी खेप पंजाब भेजी जा रही है।
घेराबंदी कर दबोचे राजस्थान के तस्कर
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और 8 लाइन दलावदा रोड पर घेराबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक लिया। ट्रक में सवार दो व्यक्तियों ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वे टूट गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विक्रम आचार्य और मुकेश आचार्य के रूप में हुई है, जो राजस्थान के छोटी सादड़ी के रहने वाले हैं।
तलाशी में खुली पोल: 65 कट्टों में भरा था डोडाचूरा
शुरुआत में आरोपियों ने दावा किया कि ट्रक में सिर्फ प्याज है। लेकिन जब पुलिस ने ट्रक की सघन तलाशी ली, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। ट्रक में 315 प्याज के कट्टों के बीच बेहद चालाकी से 65 काले प्लास्टिक के कट्टे छिपाए गए थे। इन कट्टों को खोलते ही उनमें भारी मात्रा में डोडाचूरा बरामद हुआ। वजन करने पर यह खेप पूरे 14 क्विंटल निकली।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
सीतामऊ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है:
* यह डोडाचूरा मंदसौर के किस इलाके से लोड किया गया था?
* पंजाब में यह खेप किसे डिलीवर की जानी थी?
* क्या इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है?
तस्करी के खिलाफ मंदसौर पुलिस का कड़ा प्रहार
मंदसौर जिला अफीम और डोडाचूरा उत्पादन का केंद्र होने के कारण तस्करों के निशाने पर रहता है। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तस्कर चाहे कितनी भी चतुराई कर लें, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है, जिससे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है