
जल संसाधन विभाग की 126वीं बैठक में 823 करोड़ रुपये से अधिक की दो बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी
भोपाल, 7 मई 2025 – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चल रही सभी वृहद विकास परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूर्ण किया जाना चाहिए। मंत्रालय में आयोजित जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे तथा अधूरी व लंबित योजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए।
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक योजना का लाभ प्रदेशवासियों को समय पर और प्रभावी रूप से प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि समर्पण, पारदर्शिता और समय प्रबंधन ही किसी भी परियोजना की सफलता की कुंजी हैं।
बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में दो वृहद परियोजनाओं को मिली मंजूरी:
1. बीपीसीएल पेट्रोकेमिकल परियोजना के लिए जल संरचना का विकास (लागत: ₹229.78 करोड़)
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की पेट्रोकेमिकल परियोजना को जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महुता घाट के डाउनस्ट्रीम में बैराज का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना विदिशा और सागर जिलों को कवर करेगी।
मुख्य बिंदु:
जल संग्रहण क्षमता: 42.94 मिलियन घन मीटर
पाइपलाइन: 6.6 किलोमीटर
पंप हाउस और इंटेक वेल का निर्माण
1.25 मेगावाट क्षमता का पंप हाउस
कार्य की कुल लागत: ₹229.78 करोड़
परियोजना की समयसीमा: 33 माह
यह परियोजना प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देगी और बीपीसीएल की आगामी निवेश योजनाओं का आधार बनेगी।
2. उज्जैन जिले में घाट निर्माण व जल संरचनाएं (लागत: ₹593.62 करोड़)
उज्जैन जिले के गोठड़ा से शनि मंदिर तक कान्ह नदी के दोनों तटों पर और क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर घाटों और जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
मुख्य कार्य:
कान्ह नदी के दोनों तटों पर 29.21 किमी तक घाट निर्माण
क्षिप्रा नदी के तटों पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक घाटों का निर्माण
कान्ह नदी पर पंथ पिपलई, जमालपुरा, गोठड़ा, पिपलिया राधौ, रामवासा बैराज जैसे स्थलों पर स्टॉप डेम निर्माण
क्षिप्रा नदी पर किथोदाराव बैराज का निर्माण
उन्डासा और जस्ताखेड़ी तालाबों का मरम्मत कार्य
दुर्गादास की छतरी के पास सीसी रोड का निर्माण
परियोजना की कुल लागत: ₹593.62 करोड़
कार्य की समयसीमा: 30 माह
यह परियोजना उज्जैन के धार्मिक पर्यटन, जल प्रबंधन और स्थानीय रोजगार में वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री ने दिए स्पष्ट निर्देश:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि:
हर स्तर पर नियोजन की स्पष्टता रहे
कार्यों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए
लंबित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए
जनता को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ समय पर मिले
सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।