VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक बना भीड़ का शिकार: पेड़ से बांधकर पीटा, अवैध हथियार थमाकर फंसाने की साजिश, वीडियो वायरल

प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक बना भीड़ का शिकार: पेड़ से बांधकर पीटा, अवैध हथियार थमाकर फंसाने की साजिश, वीडियो वायरल

2025-05-31  Editor Shubham Jain  744 views

ImgResizer_20250531_1918_42195
सुपौल (बिहार)। प्रेम प्रसंग में एक युवक को मिलने जाना इतना भारी पड़ गया कि उसे पहले पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया और फिर हाथ में जबरन अवैध हथियार थमा दिया गया। यह सनसनीखेज घटना सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र की है, जहां कानून और इंसानियत दोनों को ताक पर रख दिया गया। मारपीट की यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला?

घटना त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के मेढ़िया वार्ड-22 के रहने वाले युवक प्रिंस कुमार से जुड़ी है। पीड़ित प्रिंस का कहना है कि वह एक युवती से कुछ समय से मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। दोनों के बीच दोस्ती का रिश्ता था और उसी सिलसिले में वह युवती से मिलने डपरखा वार्ड-24 गया था। वहां पहुंचते ही युवती के परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने बिना कुछ सोचे-समझे उसे एक पेड़ से बांध दिया।

बेहरमी की हदें पार, फिर रची गई साजिश

भीड़ ने युवक को पेड़ से बांधकर लाठी, डंडे और बेल्ट से इतना पीटा कि उसके शरीर से खून बहने लगा। प्रिंस का दावा है कि इसके बाद उसी भीड़ ने एक और घिनौनी चाल चली—उसे बदनाम करने और फंसाने के इरादे से जबरन उसके हाथ में एक देसी कट्टा पकड़ा दिया और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में प्रिंस डरा-सहमा खड़ा दिखाई दे रहा है और उसके हाथ में अवैध हथियार नजर आ रहा है।

फिर किया पुलिस के हवाले, लेकिन कहानी ने लिया नया मोड़

इस सबके बाद भीड़ ने खुद ही पुलिस को बुला लिया और प्रिंस को छेड़खानी और अवैध हथियार रखने के आरोप में पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन मामला थाने पहुंचते ही पलट गया। थाने में दिए अपने लिखित बयान में प्रिंस ने पूरी घटना की सच्चाई सामने रखी।

प्रिंस का बयान: लूट, मारपीट और झूठा फंसाने की साजिश

प्रिंस का कहना है कि वह एक शादी समारोह से लौट रहा था, तभी डपरखा के पास चार-पांच लोगों ने उसे हथियार के बल पर रोका। इन लोगों में ज्योतिष सरदार, अरविंद सरदार, नीतीश कुमार समेत कुछ अज्ञात लोग शामिल थे। इन लोगों ने पहले उसके साथ जमकर मारपीट की, फिर उसकी जेब से 1500 रुपये लूट लिए। विरोध करने पर उसके सिर पर बंदूक की बट से वार कर दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो खुद को पेड़ से बंधा पाया और कमर में हथियार ठूंसा हुआ था।

पुलिस ने क्या कहा?

त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि युवक के बयान पर कांड संख्या 272/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें तीन नामजद और चार-पांच अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने युवक को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया है और बरामद देसी कट्टा जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

इस घटना का वीडियो वायरल होते ही जिले भर में हड़कंप मच गया है। वीडियो में युवक के साथ मारपीट और हथियार पकड़ाए जाने का दृश्य स्पष्ट रूप से दिख रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि वयम भारत नहीं करता, लेकिन यह जरूर सवाल खड़ा करता है कि भीड़तंत्र और सोशल ट्रायल की वजह से निर्दोष लोग किस तरह फंसाए जा सकते हैं।

भीड़ न्याय या अराजकता?

इस घटना ने एक बार फिर भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेम प्रसंग निजी मामला होता है, लेकिन जब समाज इसके आधार पर किसी को पीटता है, झूठे आरोप मढ़ता है और फिर उसका वीडियो बनाकर वायरल करता है—तो यह साफ तौर पर अराजकता की श्रेणी में आता है।

क्या कहता है कानून?

भारतीय संविधान और आपराधिक कानून के तहत कोई भी व्यक्ति कानून को हाथ में नहीं ले सकता। किसी के पास अगर किसी अपराध की सूचना है, तो वह पुलिस को सूचित कर सकता है, लेकिन खुद सजा देना गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है। इस मामले में भी अब देखना होगा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर पाती है या नहीं।


प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक के साथ जो हुआ, वह न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह समाज के उस खतरनाक पहलू को उजागर करता है जहां भावनाओं के नाम पर हिंसा, बदले और साजिशों की चक्की में इंसानियत पिसती है। सुपौल की यह घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चेतावनी है—जहां भीड़ का न्याय, कानून का मजाक बनता जा रहा है।


Share:

26