Muzaffarnagar Murder Case: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। यहाँ दो बेटियों ने मिलकर अपने ही पिता को उस वक्त मौत की नींद सुला दिया, जब वह बेखबर सो रहे थे। पुलिसिया पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वह समाज के लिए एक कड़वा सबक है।
तानों की 'धार' ने बनाया कातिल
कहते हैं कि अपनों के शब्द घाव भी देते हैं और मरहम भी, लेकिन मुजफ्फरनगर के राम प्रसाद (55) के शब्द उनकी बेटियों के लिए 'जहर' बन चुके थे। पूछताछ में बड़ी बेटी कोमल (32) ने बताया कि उसके पिता आए दिन उसे शादी न होने और नौकरी न मिलने को लेकर ताने देते थे।
कोमल का कहना है कि उसके पिता भेदभाव करते थे। वह अक्सर कहते थे— "32 की हो गई है, न ब्याह हुआ न काम मिला, छोटी को भी अपने जैसा बिगाड़ रही है। गाँव में सिर नीचा करवा दिया है।"
रोज-रोज के इन मानसिक प्रताड़नाओं ने बेटियों के भीतर प्रतिशोध की ऐसी आग जलाई कि उन्होंने अपने ही जन्मदाता को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना डाला।
आधी रात को रची गई 'खूनी साजिश'
वारदात वाली रात करीब 2 बजे, जब राम प्रसाद घर के बाहर गैलरी में गहरी नींद में थे, तब उनकी दोनों बेटियां साये की तरह उनके पास पहुँचीं।
- बड़ी बहन का वार: कोमल ने हाथ में धारदार हंसिया लिया हुआ था।
- छोटी का साथ: 16 साल की छोटी बहन ने पिता के पैर कसकर पकड़ लिए ताकि वह संघर्ष न कर सकें।
- बेरहमी की इंतहा: कोमल ने पिता का गला रेत दिया और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी ताबड़तोड़ वार किए।
हैरानी की बात यह है कि पिता को मौत के घाट उतारने के बाद दोनों बहनें चुपचाप जाकर सो गईं। सुबह जब उनकी मां ने लहूलुहान शव देखा और चीखना शुरू किया, तो दोनों बेटियां भी पास आकर रोने का नाटक करने लगीं ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस की सख्ती और टूटा झूठ का किला
एसपी आदित्य बंसल ने बताया कि शुरुआत में कोमल और उसकी नाबालिग बहन पुलिस को गुमराह करती रहीं। वे बार-बार अपने बयान बदल रही थीं, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो बड़ी बहन टूट गई और उसने पूरी कहानी बयां कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
नोट: मृतक राम प्रसाद के कुल छह बच्चे हैं, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी थी। घर में बचे हुए बच्चों में ये दोनों बहनें अब जेल की सलाखों के पीछे हैं।