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पुलिस ने 20 दिन बाद किया अंधे कत्ल का पर्दाफाश – पत्नी और उसकी सहेली ने रची थी पति की हत्या की साजिश, प्रेमी को दी थी सुपारी

2025-05-12   736 views

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भोपाल। शहर के थाना पिपलानी क्षेत्र में हुई एक रहस्यमयी मौत की गुत्थी को भोपाल पुलिस ने महज 24 घंटे की गहन पड़ताल में सुलझा लिया है। इस अंधे कत्ल के पीछे निकली एक चौंकाने वाली साजिश, जिसमें एक पत्नी ने अपनी सहेली और उसकी प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या करवा दी। इस सनसनीखेज मामले में आरोपीगणों ने न केवल हत्या की योजना रची, बल्कि उसे अंजाम देने के बाद 20 दिनों तक पुलिस को गुमराह भी किया।

पत्नी ने ही रची थी खौफनाक साजिश, 10 लाख की दी सुपारी

मृतक जार्ज कुरियन की पत्नी बिट्टी कुरियन ने अपने पति से तंग आकर उसकी हत्या की योजना बनाई। इस योजना में उसका साथ दिया उसकी करीबी सहेली रेखा सूर्यवंशी ने, जो खुद जार्ज के मकान में किरायेदार के रूप में रहती थी। रेखा का प्रेमी संजय पाठक भी इस साजिश में शामिल हुआ, जिसे हत्या की सुपारी 10 लाख रुपये में दी गई। प्रारंभिक रूप से संजय को 2.5 लाख रुपये दे दिए गए थे, शेष रकम हत्या के बाद देने की बात तय हुई थी।

पहले भी हो चुका था जानलेवा हमला

हत्या से एक महीने पहले भी संजय पाठक ने इच्छावर में जार्ज कुरियन पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन तब वह बाल-बाल बच गया था। मृतक और रेखा सूर्यवंशी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, और रेखा को संजय से बात करने से रोका जा रहा था। जार्ज ने संजय की बेटी को उठाने की धमकी तक दे दी थी, जिससे रेखा और संजय दोनों के भीतर प्रतिशोध की भावना गहरी हो गई थी।

घटनाक्रम – कैसे रची गई हत्या की पटकथा

18 अप्रैल 2025 की रात को संजय पाठक ने बिट्टी और रेखा की मदद से जार्ज कुरियन की हत्या की। इस घटना के लिए तीनों ने पहले ही दिन में फोन पर बातचीत कर योजना तैयार की थी। योजना के मुताबिक, रेखा ने घर का मेन गेट खोला, बिट्टी ने जार्ज की आंखों में ड्रॉप डालकर उसे बेहोश किया और संजय को कमरे में भेजा, जहां उसने जार्ज की गला घोंटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद कमरे में खून से सना फर्श चादर और तकिए से साफ किया गया। सबूत मिटाने के लिए पूरे कमरे की सफाई की गई। इसके बाद जार्ज की बॉडी को 5 घंटे तक घर में रखा गया। पुलिस को बताया गया कि जार्ज बाथरूम में फिसलकर गिरा और घायल हुआ, लेकिन जब डॉक्टरों ने जांच की तो उसे मृत पाया गया।

पुलिस को गुमराह करती रही पत्नी, लेकिन तकनीक ने खोला राज

जार्ज की मौत के बाद उसकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि यह एक दुर्घटना थी। लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मौत गला दबाकर दम घुटने से हुई है। यहीं से पुलिस ने मर्ग जांच को हत्या में बदलते हुए धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।

पुलिस ने मृतक की पत्नी बिट्टी, रेखा सूर्यवंशी और संजय पाठक के मोबाइल की कॉल डिटेल्स निकालीं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों को दबोच लिया गया। संजय पाठक के बैंक खाते से ट्रांजेक्शन के प्रमाण भी मिले, जिससे सुपारी देने की पुष्टि हुई।

सीन रीक्रिएशन से साबित हुई आरोपियों की भूमिका

जब पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट कराया, तो उन्होंने हत्या की पूरी कहानी स्वीकार कर ली। पूछताछ में उन्होंने बताया कि ज्योतिषी ने कहा था कि मृतक 5 घंटे बाद जीवित हो सकता है, इसी भ्रम में उन्होंने बॉडी को अस्पताल ले जाने में देर की।

पुलिस की सक्रियता से 24 घंटे में खुली हत्या की परतें

पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्रा और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस उपायुक्त डॉ. संजय अग्रवाल, एडीसीपी श्री महावीर सिंह मुजाल्दे, और एसीपी श्री दीपक नायक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अनुराग लाल और उप निरीक्षक संतोष रघुवंशी ने नेतृत्व किया।

जांच में मिले प्रमुख सुराग:

कॉल डिटेल्स से जुड़ी बातचीत में हत्या की योजना के संकेत

सीसीटीवी कैमरों में संजय की लोकेशन की पुष्टि

संजय के खाते से ट्रांजेक्शन का साक्ष्य

पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से हुई मौत की पुष्टि

आरोपियों द्वारा सबूत मिटाने की कोशिश

 

आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में

पुलिस ने बिट्टी कुरियन, रेखा सूर्यवंशी और संजय पाठक को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। तीनों ने हत्या की बात कबूल कर ली है। पुलिस अब केस को कोर्ट में पेश कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर रही है।

 यह मामला न केवल एक सोची-समझी हत्या की कहानी है, बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह लालच, प्रेम-संबंध और प्रतिशोध एक व्यक्ति को अपराध की राह पर ले जा सकते हैं। भोपाल पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने इस जटिल केस को सुलझाकर साबित किया कि कोई भी अपराध कितना भी गहरा क्यों न हो, उससे पर्दा जरूर उठता है।


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