
आगर मालवा (क्राइम डेस्क): मध्य प्रदेश की आगर मालवा पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने न केवल अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को तोड़ा है, बल्कि राजस्थान के झालावाड़ जिले में चल रही एक ड्रग फैक्ट्री का भी पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने लगभग 5 करोड़ रुपये की नशीली सामग्री, हथियार और मशीनरी जब्त की है।
एक छोटी गिरफ्तारी और बड़े नेटवर्क का खुलासा
इस मेगा ऑपरेशन की पटकथा 20 जनवरी 2026 को लिखी गई थी। आगर कोतवाली पुलिस ने सुसनेर रोड स्थित आमला क्षेत्र से फैजान नामक एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया था। फैजान के पास से पुलिस ने 330 ग्राम एमडी (MD) ड्रग्स बरामद की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 33 लाख रुपये थी।
जब पुलिस ने फैजान से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने ड्रग्स के इस काले साम्राज्य की ऐसी परतें खोलीं कि पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। फैजान के मोबाइल डेटा और बयानों ने पुलिस को सीधे राजस्थान के झालावाड़ जिले में छिपे मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा दिया।
आधी रात को 80 जवानों की सर्जिकल स्ट्राइक
एसपी आगर विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। 28 जनवरी की रात, आगर मालवा पुलिस ने अपनी रणनीति तैयार की और 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने राजस्थान की सीमा के करीब ग्राम घाटाखेड़ी (थाना डग, जिला झालावाड़) में एक साथ धावा बोल दिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की घेराबंदी इतनी पुख्ता थी कि नेटवर्क के दो मुख्य खिलाड़ी— शाहीर खान और मुनव्वर खान उर्फ राजा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
करोड़ों का माल और अवैध हथियार बरामद
फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान पुलिस को जो मिला, वह चौंकाने वाला था। वहां न केवल नशीली दवाएं बन रही थीं, बल्कि भारी मात्रा में रसायनों का स्टॉक भी था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया:
* 1 किलो स्मैक और 2 किलो एमडी ड्रग्स
* 2 किलो केटामाइन (नशीला पाउडर)
* 25 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन
* ड्रग्स बनाने की हाई-टेक मशीनें और उपकरण
* 7 मोबाइल फोन और अवैध हथियार
* तस्करी में इस्तेमाल होने वाली फर्जी नंबर प्लेट्स
जब्त किए गए मादक पदार्थों और मशीनरी की कुल कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
राजस्थान पुलिस के साथ शानदार तालमेल
एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन काफी संवेदनशील था क्योंकि यह दूसरे राज्य की सीमा में था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान पुलिस के साथ निरंतर समन्वय किया गया। पुलिस की मुस्तैदी का आलम यह था कि सूर्योदय होने से पहले ही पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देकर टीम सुरक्षित वापस लौट आई।
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय ड्रग माफियाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह जहर किन-किन शहरों में सप्लाई किया जा रहा था और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।