
ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने विवाह कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह "अटल सेवा संस्थान" के नाम से लोगों को शादी के झांसे में फंसाकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने गिरोह की 8 महिला सदस्यों को झांसी के बीकेडी चौराहे से गिरफ्तार किया। इनके पास से 20 मोबाइल फोन, एक कंप्यूटर और 1 लाख रुपये बैंक खाते में फ्रीज किए गए हैं।
कैसे हुआ मामला उजागर?
ललितपुर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात महिला ने खुद को "अटल सेवा संस्थान" की कर्मचारी बताते हुए संपर्क किया। उसने शादी कराने का झांसा देकर 7500 रुपये लिए और फिर मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और बैंक खातों की मनी ट्रेलिंग का विश्लेषण कर गिरोह का पता लगाया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त
गिरफ्तार महिलाओं में शामिल हैं:
1. आरती शाक्यावार (35)
2. विभा यादव (20)
3. वैशाली देशाई (20)
4. अनामिका राजपूत (19)
5. नैना देसाई (25)
6. पलक अहिरवार (19)
7. प्रीति प्रजापति (20)
8. संजना झा (21)
कैसे करती थीं ठगी?
गिरोह की सदस्य फर्जी नाम और सरकारी मान्यता का दावा करते हुए पीड़ितों से संपर्क करती थीं। शादी कराने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस वसूलने के बाद फोन नंबर ब्लॉक कर देती थीं।
पुलिस का बयान
ललितपुर पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने कहा, “यह गिरोह लोगों की भावनाओं का गलत फायदा उठाकर ठगी कर रहा था। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी विश्लेषण से मामले का खुलासा हुआ।”
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है कि अनजान संस्थानों और ऑनलाइन प्रस्तावों पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करें।