
मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस ने नशे के काले कारोबार की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'क्लीन अभियान' के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1.5 करोड़ रुपये की कीमत वाली एमडी (MD) ड्रग्स के साथ दो बेहद खतरनाक बदमाशों को दबोचा है।
पकड़े गए आरोपियों में राजस्थान के प्रतापगढ़ का कुख्यात ड्रग तस्कर गुलशेर लाला और हत्या के मामले में पैरोल से फरार चल रहा नंदू पाटीदार शामिल है।
मुखबिर की सटीक सूचना और फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी
नशे के सौदागरों के खिलाफ मंदसौर पुलिस इन दिनों फुल एक्शन मोड में है। थाना कोतवाली प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतापगढ़ (राजस्थान) का रहने वाला देलवजी उर्फ गुलशेर खान पठान ड्रग्स की एक बड़ी खेप लेकर मंदसौर की सीमा में दाखिल होने वाला है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। तलाशी लेने पर पुलिस के भी होश उड़ गए। आरोपियों के पास से 1 किलो 500 ग्राम शुद्ध एमडी ड्रग्स बरामद हुई।
बरामद सामान और उसकी कीमत
पुलिस ने आरोपियों के पास से न केवल ड्रग्स, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल वाहन भी जब्त किए हैं:
1.5 किलो एमडी ड्रग्स: अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये।
3.5 किलो डोडाचूरा: कीमत करीब 7 हजार रुपये
2 मोटरसाइकिल: कीमत करीब 1.15 लाख रुपये।
कुल जब्ती: 1 करोड़ 51 लाख 22 हजार रुपये।
पैरोल काटकर फरार हत्यारा भी चढ़ा हत्थे
इस गिरफ्तारी की सबसे बड़ी बात यह है कि पकड़ा गया दूसरा आरोपी नंदकिशोर उर्फ नंदू पाटीदार एक शातिर अपराधी है। वह साल 2022 में हुए बहुचर्चित 'रेखा नायक हत्याकांड' (धारा 302) का मुख्य आरोपी है। नंदू साल 2024 में जेल से पैरोल पर बाहर आया था, जिसके बाद वह फरार हो गया और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था।
अब खुलेगा 'ड्रग सिंडिकेट' का कच्चा चिट्ठा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/15, 22, 29 के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस अब इन दोनों आरोपियों का रिमांड लेने की तैयारी में है।
> "हमारी टीम प्रतापगढ़ के देवल्दी में भी दबिश दे रही है। रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स कहां से लाई गई थी और मंदसौर में इसका 'रिसीवर' कौन था। इस नेटवर्क से जुड़े कई और सफेदपोश चेहरों का बेनकाब होना तय है।" - विनोद कुमार मीणा, एसपी मंदसौर
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इस कार्रवाई के बाद से ही नशे के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।