
रायसेन, [05/12/2025]। ज़िले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नवागत पुलिस अधीक्षक (SP) श्री आशुतोष गुप्ता ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में, उन्होंने गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे ऐतिहासिक नगरी सांची के पुलिस थाने का अचानक दौरा (औचक निरीक्षण) कर पुलिस प्रशासन के पेंच कसे और व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। एसपी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से न सिर्फ़ थाने में हड़कंप मचा, बल्कि यह संदेश भी गया कि अब ज़िले में पुलिसिंग को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔍 अपराध पंजी की बारीकी से जांच: अपराधियों पर 'कठोर' एक्शन का निर्देश
निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री गुप्ता ने सबसे पहले थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी को तलब किया और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक और कड़े निर्देश दिए। एसपी ने थाने के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़—अपराध पंजी (Crime Register)—का स्वयं सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने एक-एक करके थाने में दर्ज सभी लंबित और नए प्रकरणों की वर्तमान प्रगति, विवेचना (जांच) की स्थिति और इसमें लगे समय के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
यह पाया गया कि एसपी का फोकस केवल मामलों को दर्ज करने पर नहीं, बल्कि उनकी त्वरित और गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर था। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों की जांच में कोई ढिलाई न बरती जाए और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिले।
🏘️ ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान: गुंडा-बदमाशों की लिस्ट तैयार
निरीक्षण के दौरान एसपी गुप्ता ने ग्रामीण पुलिसिंग की स्थिति पर विशेष चर्चा की। उन्होंने थाना प्रभारी से सांची और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, स्थानीय गतिविधियों और ज़मीन विवादों के बारे में फीडबैक लिया।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश क्षेत्र में सक्रिय गुंडा और सूचीबद्ध बदमाशों पर कार्रवाई को लेकर दिए गए। एसपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे तत्वों को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने थाना प्रभारी को गुंडा-बदमाशों की अद्यतन (Updated) सूची बनाने, उन पर सतत निगरानी रखने और ज़मानत पर छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर भी सख्त नज़र रखने के आदेश दिए। यह 'मिशन क्लीन' पहल पुलिस के इकबाल (दबदबे) को वापस स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
🧼 थाना परिसर की सफाई और पुलिस बल की कार्यप्रणाली
एसपी गुप्ता ने थाने के कामकाज के साथ-साथ पुलिस क्वार्टर्स और पूरे थाना परिसर में साफ-सफाई और समग्र व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस बल की उपलब्धता, उनकी ड्यूटी रोस्टर और कार्यप्रणाली (Working Style) के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।
उन्होंने बल को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस को जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए, कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान देना चाहिए। जनता में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा हो, यह सुनिश्चित करना पुलिस का पहला कर्तव्य है। उन्होंने बल को चुस्त-दुरुस्त रहने और हर चुनौती के लिए तैयार रहने के भी दिशानिर्देश दिए।
👮 व्यवस्था संतोषजनक, लेकिन निगरानी जारी रहेगी
निरीक्षण के अंत में, पुलिस अधीक्षक ने थाने की समग्र व्यवस्था को संतोषजनक पाया। हालांकि, उन्होंने थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नगर और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर अपनी सतत और पैनी निगरानी बनाए रखें। खासकर रात के समय गश्त (Patrolling) को बढ़ाया जाए ताकि चोरी और अन्य छोटी-मोटी घटनाओं को रोका जा सके।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, सांची थाने का समस्त पुलिस स्टाफ अपनी-अपनी ड्यूटी पर मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहा, जिससे यह स्पष्ट है कि नवागत एसपी के आने से ज़िले की पुलिसिंग में एक नई ऊर्जा और सख्ती का संचार हुआ है। ज़िले की जनता को उम्मीद है कि एसपी गुप्ता की इस तरह की औचक कार्यवाहियों से ज़िले में अपराध का ग्राफ नीचे आएगा।