
ग्यारसपुर: मध्य प्रदेश के ग्यारसपुर तहसील अंतर्गत ओलिजा गांव में गुरुवार की शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एयरटेल कंपनी के टावर के पास लगे एक ट्रांसफार्मर से निकले करंट की चपेट में आने से एक गर्भवती भैंस की मौत हो गई। इस हादसे में भैंस मालिक अजुद्दी लाल प्रसाद मालवीय भी बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है और वे टावर प्रबंधन और संबंधित विभागों की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब अजुद्दी लाल की भैंस टहलते हुए टावर के पास पहुंच गई। भैंस जैसे ही ट्रांसफार्मर के करीब आई, वह जोरदार करंट की चपेट में आ गई और वहीं गिरकर उसकी मौत हो गई। भैंस को बचाने की कोशिश में मालिक अजुद्दी लाल को भी करंट का झटका लगा, लेकिन सौभाग्य से वे गंभीर रूप से घायल होने से बच गए। इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।
ग्रामीणों की चेतावनी हुई नजरअंदाज
इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। सरपंच प्रतिनिधि किशोर कुशवाहा, कल्लू कुशवाहा, महेंद्र राजपूत, गुड्डा लाल और बदन सिंह ने बताया कि जब गांव में यह टावर और ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा था, तब उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया था। ग्रामीणों ने एयरटेल प्रबंधन और विद्युत विभाग को साफ-साफ चेतावनी दी थी कि सड़क किनारे यह टावर और ट्रांसफार्मर लगाना भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी चेतावनी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण यही है कि उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया और आज एक बेजुबान जानवर को इसकी कीमत चुकानी पड़ी।
मुआवजे की मांग और भविष्य की चिंता
मृत भैंस की कीमत करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि भैंस गर्भवती थी, जिससे मालिक को दोहरा नुकसान हुआ है। पीड़ित भैंस मालिक अजुद्दी लाल ने एयरटेल कंपनी और संबंधित विभागों से तत्काल मुआवजे की मांग की है।
ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना एक बड़ी जनहानि का संकेत है। उनका कहना है कि अगर उस जगह कोई बच्चा खेल रहा होता या कोई राहगीर वहां से गुजर रहा होता, तो यह हादसा और भी भयानक हो सकता था। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इस ट्रांसफार्मर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके।
कंपनी और विभाग की जवाबदेही
यह घटना केवल एक भैंस की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों के प्रति कंपनियों और सरकारी विभागों की लापरवाही का एक गंभीर उदाहरण है। इस तरह के हादसों से बचने के लिए कंपनियों को अपने उपकरणों की नियमित जांच करनी चाहिए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। विद्युत विभाग की भी यह जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि ट्रांसफार्मर और बिजली के तार सुरक्षित हों और उनसे किसी को कोई खतरा न हो।
ग्रामीणों के विरोध और भविष्य में संभावित खतरों को देखते हुए, यह जरूरी है कि एयरटेल कंपनी और संबंधित विभाग इस मामले की गंभीरता को समझें। उन्हें न केवल पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। यह हादसा एक सबक है, जो हमें याद दिलाता है कि लोगों की सुरक्षा को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।