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ऑपरेशन सिंदूर: भारत की कार्रवाई से हिला पाकिस्तान, शहबाज शरीफ का तीखा जवाब – ‘हर खून की बूंद का बदला लेंगे’

2025-05-08  Editor Shubham Jain  554 views

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भारत द्वारा हाल ही में आतंकियों के ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई, जिसे "ऑपरेशन सिंदूर" नाम दिया गया है, ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में हड़कंप मच गया है। इसी क्रम में बुधवार देर रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश को संबोधित किया और भारत के खिलाफ तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए "खून के हर कतरे का बदला लेने" की धमकी दी।

भारत की कार्रवाई और पाकिस्तान की बौखलाहट

पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मौजूद आतंकी शिविरों पर भारत की ओर से की गई लक्षित कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पाकिस्तान सरकार के अनुसार, इस हमले में 26 लोगों की जान गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पाक प्रधानमंत्री ने इन सभी को 'शहीद' बताया और कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

शहबाज शरीफ ने कहा, “भारत ने जो गलती की है, उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हम अंतिम सांस तक अपनी सरजमीं की रक्षा करेंगे। बीती रात हमने साबित कर दिया कि पाकिस्तान भी करारा जवाब देना जानता है।”

संसद में कबूल की एयर स्ट्राइक की बात

इससे पहले बुधवार को दिन में पाकिस्तान की संसद में अपने संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने स्वीकार किया कि भारत ने एयर स्ट्राइक की है। उन्होंने दावा किया कि भारत ने 80 फाइटर जेट्स के साथ पाकिस्तान के छह अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया।

"कल रात हमें पल-पल की जानकारी मिल रही थी। भारत ने पूरी तैयारी के साथ हमला किया था, लेकिन अल्लाह की मेहरबानी और हमारी सेना की बहादुरी से हम उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर पाए," उन्होंने कहा।

सैन्य जवाब का दावा और भारत को चेतावनी

शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान की वायुसेना और थलसेना ने संयुक्त रूप से जवाबी कार्रवाई की, जिससे भारत के लड़ाकू विमान पीछे हट गए। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन यह बयान पाकिस्तान की घबराहट और दबाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

पाक पीएम ने कहा, “हमारे दुश्मन ने रात के अंधेरे में हमला किया, लेकिन हम उन्हें जवाब देने के लिए तैयार थे। यह हमला ना सिर्फ हमारी संप्रभुता पर था, बल्कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती भी था।”

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक कदम

सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर भारत की खुफिया एजेंसियों द्वारा इकट्ठा की गई सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य सीमापार मौजूद आतंकी शिविरों को ध्वस्त करना और भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों को चेतावनी देना था।

यह ऑपरेशन ऐसे समय पर हुआ है जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले में कई भारतीय जवान शहीद हो गए थे। भारत सरकार ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ बताया था।

पाकिस्तान की सफाई और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में यह भी कहा कि पाकिस्तान का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इस हमले की निंदा करते हैं और जांच में सहयोग को तैयार थे।

"मैं उस समय तुर्की के दौरे पर था। हमने तुरंत कई देशों के नेताओं से बात की और यह साफ किया कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन भारत ने हमारी बात मानने से इनकार कर दिया," उन्होंने कहा।

वैश्विक प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव

भारत की कार्रवाई और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर अभी तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दक्षिण एशिया में सुरक्षा की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और अन्य शक्तिशाली देशों की नज़र इस पर बनी हुई है कि यह संघर्ष एक बड़े युद्ध में न तब्दील हो जाए।

पाकिस्तानी सेना की भूमिका और अंदरूनी राजनीति

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भाषण न केवल भारत के खिलाफ तीखा था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तानी सेना पर उनका कितना निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने भाषण के अंत में अपनी सेना की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारी सेनाएं निडर हैं। हम उनके बलिदान को सलाम करते हैं।”

वहीं, विपक्षी नेताओं और पाकिस्तानी मीडिया का एक तबका सरकार से यह सवाल पूछ रहा है कि जब देश को पहले से हमले की जानकारी थी, तो कोई प्रभावी कदम पहले क्यों नहीं उठाए गए।

आगे क्या?

ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के उस बदले की नीति को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है, जिसमें आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए जवाबी कार्रवाई को जरूरी माना गया है। पाकिस्तान की बौखलाहट से यह स्पष्ट है कि यह ऑपरेशन न केवल रणनीतिक रूप से सफल रहा है, बल्कि राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक मोर्चे पर भी भारत ने बढ़त बनाई है।

अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान किस तरह की कूटनीतिक और सैन्य रणनीति अपनाता है। वहीं भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति स्पष्ट और अडिग है—आतंकी हमलों का जवाब अब चुप्पी से नहीं, कार्रवाई से दिया जाएगा।


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