मध्यप्रदेश के लेबड़-नयागांव फोरलेन पर एक हृदय विदारक घटना सामने आई। ग्राम कानवन के पास, महावीर पेट्रोल पंप के सामने, एक दिन के नवजात शिशु को काले कपड़े में लपेटकर सड़क पर फेंक दिया गया। सड़क पर तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों ने शिशु को कुचल दिया। जब राहगीरों ने सड़क पर एक छोटे पैर को देखा, तो वे स्तब्ध रह गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची, शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही कानवन थाना प्रभारी (टीआई) अभय नेमा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नवजात के शव को पंचनामा बनाकर कब्जे में लिया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए बदनावर सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटना स्थल की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
टीआई नेमा ने बताया, “अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को सड़क पर फेंक दिया। वाहनों के गुजरने से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। डीएनए टेस्ट के जरिए मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।”
शव की हालत देख डॉक्टर भी रह गए हैरान
बदनावर सिविल अस्पताल के डॉक्टर हेमंत ठन्ना ने कहा, “नवजात का शव पोटली में बांधकर लाया गया था। उसकी हालत इतनी खराब थी कि पोस्टमॉर्टम करना भी चुनौतीपूर्ण था। हमने डीएनए सैंपल लिया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।”
मौके पर उमड़ी भीड़, घटना ने झकझोरा
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने इस अमानवीय कृत्य की निंदा करते हुए जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने की मांग की है।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस का कहना है कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपी का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद अपराधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
समाज को झकझोरने वाली घटना
यह घटना न केवल कानूनी सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज के संवेदनशील पहलुओं पर भी विचार करने को मजबूर करती है। एक मासूम की जिंदगी इस तरह से खत्म होना किसी त्रासदी से कम नहीं। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसे अमानवीय कृत्यों को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।