
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: एक बार फिर 'नाइटी गैंग' ने बिलासपुर शहर की नींद उड़ा दी है। देवरीखुर्द हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रेलवे कर्मचारियों के तीन सूने मकानों को निशाना बनाकर इस गैंग ने करीब 8 लाख रुपये की चोरी को अंजाम दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये चोर नाइटी और गाउन पहनकर वारदात करते हैं, जिससे वे आम लोगों की नज़रों से बच सकें। अब तक इसी गिरोह पर 6 चोरियों का शक जताया जा रहा है।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
ताजा वारदात देवरीखुर्द कॉलोनी में हुई है, जहां चोर लोहे की ग्रिल तोड़कर अंदर घुसे और कीमती गहनों के साथ नकदी लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में 5 नकाबपोश चोर नाइटी और गाउन पहने हुए नजर आए हैं। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक चोरों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
आंध्रप्रदेश गए थे परिवार वाले, खाली घर बना निशाना
रेलवे के ऑपरेटिंग विभाग में पदस्थ एसजीटीएम के. निखिलेश कुमार 22 मई की शाम को अपने परिवार के साथ आंध्रप्रदेश के लिए रवाना हुए थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से वे निगरानी रखे हुए थे, लेकिन एक दिन अचानक कैमरे में ताला टूटा नजर आया। तुरंत उन्होंने अपने दोस्तों को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस को खबर दी।
कुंडी और ग्रिल तोड़कर घुसे चोर, बिखेर दिया पूरा घर
जब निखिलेश कुमार लौटे, तो घर का हाल देखकर हैरान रह गए। दरवाजे का ताला, कुंडी और ग्रिल पूरी तरह उखड़ा हुआ था। घर के हॉल, बेडरूम और किचन में सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी से नकदी और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे।
चोरी हुए सामान की लिस्ट
के. निखिलेश के घर से चोरी हुए सामान में शामिल हैं:
सोने का हार
दो सोने के कंगन
दो चूड़ियां
दो अंगूठियां
सोने की चेन और लॉकेट
कान की छह जोड़ियां
दो मंगलसूत्र
सोने का धागा
एक सोने का सिक्का
चांदी की 10 तोले की पायल
₹20,000 नगद
पड़ोसियों को भी नहीं छोड़ा
केवल निखिलेश ही नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी एसके भट्टाचार्य और माइकल मिंज भी इस गैंग का शिकार बने। भट्टाचार्य के घर से 25 हजार नकद, चांदी की पायल, चांदी का कड़ा, तीन सोने की अंगूठी और चांदी का सिंदूरदान चोरी हुआ। वहीं माइकल मिंज के घर से चांदी का गिलास समेत कुल 4 लाख से अधिक का सामान ले गए।
पुलिस के हाथ खाली, डॉग स्क्वायड भी रहा असफल
घटना के बाद तोरवा थाना पुलिस डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। पूरे इलाके की तलाशी ली गई, लेकिन चोरों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में जुटी है।
सिलसिलेवार वारदातें, बढ़ती चिंता
पिछले एक सप्ताह में बिलासपुर में लगातार चोरी की वारदातें हो रही हैं:
22 मई: मोपका क्षेत्र के गणेश वेली और महावीर सिटी में दो सूने मकानों में चोरी
26 मई: मस्तूरी के जयरामनगर में एक सराफा दुकान में चोरी
29 मई: देवरीखुर्द में रेलवे कर्मचारियों के तीन मकानों में चोरी
हर घटना में चोरों का तरीका एक जैसा है—नाइटी या गाउन पहनना, मास्क लगाना, और सीसीटीवी से बचने के लिए चेहरे ढंकना। पुलिस को संदेह है कि ये सभी वारदात एक ही गिरोह द्वारा की गई हैं।
एक ही गिरोह पर शक
तोरवा और सरकंडा थाना क्षेत्र की पुलिस टीमें मिलकर इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं। आशंका है कि यह गिरोह बाहर से आया है और शहर के सूने मकानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
स्थानीय लोग डरे, सुरक्षा पर उठे सवाल
देवरीखुर्द, मोपका और मस्तूरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग इन घटनाओं के बाद डरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि रेलवे कॉलोनी जैसे सिक्योर क्षेत्र में चोर आसानी से घुस सकते हैं, तो शहर के अन्य हिस्से कितने असुरक्षित हैं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।
बिलासपुर में नाइटी गैंग की वारदातें न केवल पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई हैं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। लगातार हो रही इन चोरियों से यह स्पष्ट है कि अपराधी अब और ज्यादा संगठित, प्लानिंग से काम कर रहे हैं। पुलिस को चाहिए कि वह सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सहायता और गुप्त सूचना तंत्र को मज़बूत करके जल्द से जल्द इस गैंग का पर्दाफाश करे। जब तक यह नहीं होता, तब तक शहरवासियों का डर और गुस्सा दोनों बढ़ते रहेंगे।