भोपाल: मध्य प्रदेश में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर अपना सख्त रुख साफ कर दिया है। मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियारों के एक बड़े जखीरे को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। इंदौर एसटीएफ की दो विशेष टीमों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें जब्त की हैं और दो तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
खुफिया सूचना पर सटीक निशाना
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को काफी समय से अवैध हथियारों की तस्करी की खबरें मिल रही थीं। सटीक इनपुट मिलने के बाद, एसटीएफ के उप पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो रणनीतिक टीमें तैयार की गईं। पहली टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर रमेश चौहान कर रहे थे, जबकि दूसरी टीम में तेज-तर्रार जवानों को शामिल किया गया था।
इन टीमों ने घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। जब इनकी तलाशी ली गई, तो एसटीएफ के अधिकारी भी हैरान रह गए। इनके पास से मैगजीन के साथ 5 हाई-टेक (अत्याधुनिक) पिस्तौलें बरामद हुईं।
खरगोन से जुड़े हैं आरोपियों के तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान खरगोन जिले के भीकनगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बोरडिया निवासी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी हथियारों से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर पाए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हथियारों को जब्त कर लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
यह केवल दो तस्करों की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि पुलिस इसे एक बड़े नेटवर्क की कड़ी मान रही है। खरगोन क्षेत्र पहले भी अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई के लिए चर्चा में रहा है। अब एसटीएफ इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि ये अत्याधुनिक हथियार कहां से लाए गए थे और इनकी डिलीवरी मध्य प्रदेश के किन शहरों में होने वाली थी।
जांच में इस बात पर भी फोकस किया जा रहा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक साजिश में तो नहीं होना था। फिलहाल, एसटीएफ ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है।
सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता
गणतंत्र दिवस के पास इस तरह की बड़ी बरामदगी सुरक्षा के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एसटीएफ की इस मुस्तैदी ने संभावित वारदातों को टालने में मदद की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और तस्करी के रास्तों को पूरी तरह बंद किया जाएगा।