
भोपाल: मध्यप्रदेश में पिछले एक साल से 'लव जिहाद' के मामलों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को हिलाकर रख दिया है। भोपाल की गलियों से लेकर बुंदेलखंड के बीहड़ों तक, हर तरफ एक ही डरावना पैटर्न सामने आ रहा है—पहले फर्जी हिंदू नाम से दोस्ती, फिर प्रेम जाल, यौन शोषण, वीडियो क्लिपिंग से ब्लैकमेलिंग और अंत में जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव। ### भोपाल का सनसनीखेज कांड: सगी बहनें फंसाती थीं हिंदू लड़कियां
राजधानी भोपाल में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने रोंगटे खड़े कर दिए। पुलिस ने आमरीन और आफरीन नाम की दो सगी बहनों को उनके साथी चंदन यादव के साथ गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये गरीब हिंदू लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर अपने पास बुलाती थीं। पहले उन्हें लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाई जाती, फिर नशीला पदार्थ देकर उनका यौन शोषण कराया जाता। हद तो तब हो गई जब लड़कियों को गुजरात और मुंबई तक 'सप्लाई' करने और इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर करने की बात सामने आई।
इंदौर में 'पार्षद' पर फंडिंग का बड़ा आरोप
जून 2025 में इंदौर के बाणगंगा इलाके से एक चौंकाने वाली सच्चाई बाहर आई। साहिल शेख नामक युवक ने एक हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाकर बुर्का पहनने पर मजबूर किया। जब पुलिस ने सख्ती की, तो साहिल ने कुबूला कि उसे हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए पार्षद अनवर कादरी की ओर से 2 लाख रुपये की फंडिंग मिली थी। फिलहाल आरोपी पार्षद कोर्ट में सरेंडर कर चुका है।
भोपाल के 'कॉलेज गैंग' का खौफनाक खेल
अप्रैल 2025 में भोपाल के एक निजी कॉलेज में 'ऑर्गनाइज्ड लव जिहाद' का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी फरहान अपने साथियों (साहिल, अली, साद, नबील, अबरार और हामिद) के साथ मिलकर छात्राओं को फंसाता था। ये आरोपी खुद को हिंदू बताकर दोस्ती करते, पब्स ले जाते और फिर दुष्कर्म कर वीडियो बना लेते थे। पुलिस को फरहान के मोबाइल से एक दर्जन से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनमें लड़कियों के साथ मारपीट भी की गई थी।
पहचान छिपाकर धोखा: 'अमित' निकला नदीम, 'गोलू' निकला फरहान
धोखे की यह कहानी पूरे एमपी में बिखरी हुई है:
भोपाल (कमला नगर): एक 35 वर्षीय तलाकशुदा महिला को 'अमित' बनकर नदीम ने फंसाया। बाद में उस पर और उसके 14 साल के बेटे पर धर्म परिवर्तन और खतने का दबाव बनाया गया।
सागर: यहाँ 'गोलू' बनकर फरहान मकरानी ने युवती से संबंध बनाए। असलियत खुलने पर जब विरोध हुआ, तो जान से मारने की धमकी दी गई।
छतरपुर: समीर तिवारी बनकर मिले समीर खान ने हिंदू रीति से शादी की, लेकिन बाद में जबरन निकाह कर मांस खाने और पूजा रोकने का दबाव बनाया।
क्या कानून का डर खत्म हो गया है?
मध्यप्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 लागू है, जिसमें 10 साल की सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद 2021 से अब तक 300 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। अकेले इंदौर और भोपाल में कुल मामलों के 40% केस हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
बाहर से पढ़ने या नौकरी करने आई लड़कियां इनका 'सॉफ्ट टारगेट' होती हैं।
सोशल मीडिया और ब्लैकमेलिंग को हथियार बनाया जा रहा है।
संगठित गिरोह और विदेशी फंडिंग के इनपुट भी डराने वाले हैं।
सियासी उबाल: 'हाथ काट दो, फांसी दे दो'
इन घटनाओं पर बीजेपी नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए। वहीं, महू विधायक उषा ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि "ऐसे कृत्य करने वालों के हाथ काट लेने चाहिए या आंखें निकाल लेनी चाहिए।"
निष्कर्ष
बदलते वक्त के साथ 'लव जिहाद' के तरीके और भी शातिर हो गए हैं। प्रशासन और समाज के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन संगठित गिरोहों की जड़ों तक पहुँचना और बेटियों को इस जाल से सुरक्षित निकालना है।