
भोपाल/बेंगलुरु: अपराध की दुनिया में अब सिर्फ अनपढ़ या पेशेवर अपराधी ही नहीं, बल्कि ऊंचे पदों पर बैठे पढ़े-लिखे लोग भी कदम रख रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से जुड़ा है। बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसका सरगना भोपाल का एक सिविल इंजीनियर है।
यह इंजीनियर शहर की पॉश कॉलोनियों में रहकर हथियारों की तस्करी का बड़ा सिंडिकेट चला रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई ने इंटर-स्टेट आर्म्स स्मगलिंग नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
BDA कॉलोनी से बेंगलुरु तक 'डेथ नेटवर्क'
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय सैयद इरफान रिजवी के रूप में हुई है। इरफान भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित BDA कॉलोनी का निवासी है। पेशे से सिविल इंजीनियर होने के कारण किसी को शक नहीं होता था कि वह नक्शों और इमारतों के बीच अवैध हथियारों का सौदा कर रहा है।
पुलिस ने आरोपी के पास से तीन देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। वह लंबे समय से मध्य प्रदेश से हथियार खरीदकर बेंगलुरु के अपराधियों और गैंगस्टर्स को सप्लाई कर रहा था।
पुराने सुरागों से मिला 'मास्टरमाइंड' का पता
इस बड़े खुलासे की नींव पिछले महीने ही पड़ गई थी। बेंगलुरु क्राइम ब्रांच ने यशवंतपुर रेलवे स्टेशन के पास से मसूद और जावेद नाम के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से भारी मात्रा में 52 जिंदा कारतूस और पिस्टल बरामद हुए थे।
जब पुलिस ने मसूद और जावेद से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने 'इंजीनियर' का नाम उगला। पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए भोपाल पहुंची और मुख्य सरगना सैयद इरफान रिजवी को दबोच लिया।
तस्करी का अनोखा तरीका
जांच में सामने आया है कि इरफान हथियारों की डिलीवरी के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। वह अलग-अलग माध्यमों और ट्रांसपोर्ट रूट का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा रहे। वह मध्य प्रदेश के अवैध हथियार निर्माताओं से कम दाम में पिस्टल खरीदता और बेंगलुरु के 'अंडरवर्ल्ड' और छोटे अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच देता था।
> पुलिस का बयान: "आरोपी अपनी इंजीनियरिंग की आड़ में यह अवैध धंधा कर रहा था। हमें संदेह है कि इस नेटवर्क के तार मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जैसे इलाकों से भी जुड़े हो सकते हैं, जहां अवैध हथियार बनते हैं। फिलहाल अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।"
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जांच के घेरे में कई और नाम
बेंगलुरु CCB अब यह पता लगाने में जुटी है कि इरफान ने अब तक कितने हथियार बेंगलुरु पहुंचाए हैं और उसके ग्राहक कौन-कौन थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार किसी बड़ी साजिश या गैंगवार से भी जुड़े हो सकते हैं। मध्य प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर अब इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने की तैयारी है।