भोपाल: मध्य प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए साल 2026 की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 'नारी शक्ति' ही उनकी प्राथमिकता है। बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने महिला सशक्तिकरण का ऐसा रोडमैप पेश किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि बहनों को मिलने वाली राशि जल्द ही 3,000 रुपये के आंकड़े को छूने वाली है।
बजट का पिटारा खुला: लाड़ली बहनों के लिए 23,800 करोड़ का प्रावधान
मोहन यादव सरकार के इस तीसरे बजट का आकार 4,38,317 करोड़ रुपये है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सीधे महिलाओं की जेब में जाने वाला है। सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए 23,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित की है। यह भारी-भरकम फंड इस बात का 'क्लीयर कट' संकेत है कि योजना की राशि में बड़ी वृद्धि होने वाली है।
वर्तमान में बहनों को हर महीने 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस बजट सत्र के दौरान इसे बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जा सकता है, जो धीरे-धीरे बढ़कर विधानसभा चुनाव तक 3,000 रुपये प्रति माह हो जाएगा।
33 किश्तें सफल, अब मिशन ‘आत्मनिर्भर नारी’
जून 2023 से शुरू हुई इस क्रांतिकारी योजना ने अब तक सफलता के कई कीर्तिमान रचे हैं। फरवरी 2026 तक प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख बहनों को नियमित रूप से 33 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य केवल पैसे देना नहीं, बल्कि महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास (Skill Development) से जोड़ना भी है। बजट में इसके लिए विशेष फंड तय किए गए हैं ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
लाड़ली लक्ष्मी योजना पर भी मेहरबान हुई सरकार
सिर्फ बहना ही नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के लिए भी सरकार ने खजाना खोल दिया है। बजट में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में प्रदेश की लगभग 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार का फोकस अब बालिकाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनके कौशल उन्नयन पर भी है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
कब तक होंगे 3,000 रुपये?
राजनीतिक पंडितों और आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार एक साथ राशि को दोगुना (1500 से 3000) करने के बजाय स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी वित्तीय वर्ष में बहनों को 500 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिल सकती है। यदि ऐसा होता है, तो बहनों को प्रति माह 2,000 रुपये मिलने लगेंगे। यह कदम आगामी चुनावों से पहले नारी शक्ति को साधने का एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक साबित होगा।
> निष्कर्ष: मध्य प्रदेश का यह बजट पूरी तरह से 'आधी आबादी' को समर्पित है। आर्थिक सुरक्षा से लेकर स्वरोजगार तक, सरकार ने हर मोर्चे पर महिलाओं को सशक्त बनाने की कोशिश की है।