
हैदरगढ़ (ग्यारसपुर): शिक्षा के साथ-साथ जब संस्कार और संस्कृति का मेल होता है, तो दृश्य अद्भुत हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा ग्यारसपुर जनपद के हैदरगढ़ स्थित एन.एम. एजुकेशन विद्यालय (N.M. Education School) के वार्षिक महोत्सव में देखने को मिला। स्कूल परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरे भारत की झलक एक ही मंच पर उतार दी।
मां सरस्वती के वंदन से हुआ भव्य आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा विद्या की देवी मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। भक्तिमय माहौल के बीच अतिथियों का स्वागत विद्यालय के संचालक दीपक साहू ने पुष्पमालाओं और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास के महत्व पर जोर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महोत्सव का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक नृत्य रहे। जब मंच पर राजस्थानी घूमर, गुजरात का गरबा और पंजाब का जोशीला भांगड़ा पेश किया गया, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे बच्चों ने देश की 'विविधता में एकता' का संदेश दिया, जिसे देख अभिभावक और ग्रामीण मंत्रमुग्ध हो गए।
प्रतिभाशाली छात्रों का हुआ सम्मान
केवल नृत्य ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक और खेलकूद गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों को ट्रॉफियां और मेडल प्रदान किए। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उपस्थित अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के इस प्रयास की जमकर सराहना की। 
अतिथियों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम में पहुंचे मंडल अध्यक्ष अजय गुर्जर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां देते हैं। वहीं, नायब तहसीलदार राजेंद्र सेन ने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे मंच से ही कल के भविष्य तैयार होते हैं।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस गौरवशाली अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष प्रीति शंकर दयाल शर्मा, स्थानीय सरपंच सुनील कुमार विश्वकर्मा, जनपद सदस्य कमल प्रजापति एवं फारूक अली विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षक प्रताप सिंह कुशवाहा, गोविंद दास बैरागी, अमजद खान, देवेंद्र धाकड़, छोटेलाल साहू, जगन्नाथ साहू और संदीप साहू का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में मौजूद अभिभावकों और ग्रामीणों ने बच्चों के हुनर की खुले दिल से प्रशंसा की।