VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / मध्यप्रदेश टेक्नोलॉजी और निवेश का नया केंद्र बन रहा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश टेक्नोलॉजी और निवेश का नया केंद्र बन रहा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

2025-04-28  Editor Shubham Jain  513 views

ImgResizer_20250428_0725_02747

इंदौर, 28अप्रैल 2025:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग किसी मंदिर से कम नहीं, ये रोजगार और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 के भव्य आयोजन में उन्होंने प्रदेश को तकनीकी युग में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र किया। डॉ. यादव ने कहा, “हम वादे नहीं करते, उन्हें पूरा करके दिखाते हैं।”

टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में भव्यता के साथ हुआ। इस कॉन्क्लेव के दौरान 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे प्रदेश में 75 हजार नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव बताया।

निवेश से साकार हो रहे हैं सपने

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2023 में आईटी सेक्टर से जुड़े 99 एमओयू साइन हुए थे। उनमें से 25 प्रतिशत एमओयू का आज भूमि-पूजन कर एक नया इतिहास रचा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में पांच प्रमुख नगरों में इंडस्ट्री पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो रोजगार और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देंगे।

कोरिया और जापान जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई है, जो प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। डॉ. यादव ने कहा, “हम इरादों को निवेश में और नीतियों को क्रियान्वयन में बदलने का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं।”

1500 करोड़ रुपये का स्पेस टेक्नोलॉजी निवेश

एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि भोपाल जिले के बैरसिया क्षेत्र में 1500 करोड़ रुपये के निवेश से एक स्पेस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनेगा और सायबर सुरक्षा तथा अन्य तकनीकी क्षेत्रों में नये अवसर उत्पन्न होंगे।

इसके साथ ही, एग्रीटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित किया जा रहा है।

टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश की बढ़त

मुख्यमंत्री ने इंदौर को आईटी सेक्टर की नई राजधानी बताया। परदेशीपुरा आईटी पार्क के विकास के साथ इंदौर में टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अब उद्योगपति कह रहे हैं कि "एक माह में उद्योग स्थापना संभव हो गई है," जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गई 18 नई उद्योग हितैषी नीतियां अब राज्य के औद्योगिक विकास की रीढ़ बन गई हैं।

"प्रोत्साहन पोर्टल" से निवेशकों को बड़ी सुविधा

मुख्यमंत्री ने "प्रोत्साहन पोर्टल" का शुभारंभ किया, जिससे निवेशकों को एकीकृत सुविधा मिलेगी। यह पोर्टल निवेश प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सुगम बनाएगा। इस डिजिटल पहल से एमओयू से लेकर परियोजना क्रियान्वयन तक की पूरी प्रक्रिया का रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन बैठकें

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने 19 निवेशकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कर उनके प्रस्तावों और आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर सहयोग करेगी और सभी बाधाओं को दूर करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का राज्य नहीं, बल्कि विकास और वादों की पूर्ति का आदर्श उदाहरण बन चुका है।

नई नीतियाँ और औद्योगिक दिशा

कॉन्क्लेव के दौरान प्रदेश सरकार ने चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइडलाइन्स भी जारी कीं। इन नीतियों से सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, एवीजीसी (एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स), और एक्स्टेंडेड रियलिटी (XR) जैसे नए क्षेत्रों में व्यापक निवेश की संभावना बनेगी।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के जरिये मध्यप्रदेश नवाचार और तकनीकी निवेश का वैश्विक गंतव्य बनने की दिशा में मजबूती से बढ़ रहा है।


Share:

ब्लैक टाइगर