
मध्यप्रदेश में 135 लॉ कॉलेजों पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हाईकोर्ट ने इन कॉलेजों की जांच की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र को सौंपी है। जिन कॉलेजों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से मान्यता नहीं मिली है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
फर्जी डिग्री देने वाले कॉलेजों पर होगी एफआईआर
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में पहली एफआईआर आज क्राइम ब्रांच में दर्ज हो सकती है। जबलपुर के एक लॉ कॉलेज पर सबसे पहले शिकंजा कसा जाएगा। इस कॉलेज ने बिना बार काउंसिल के रजिस्ट्रेशन के ही छात्रों को डिग्री बांट दी थी।
कैसे हुआ खुलासा?
मामला तब सामने आया जब कुछ छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की कि उनके कॉलेज को बार काउंसिल की मान्यता नहीं थी, फिर भी उन्हें डिग्री दी गई। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और पुलिस कमिश्नर को जांच का जिम्मा सौंप दिया।
25 फरवरी को हाईकोर्ट में होगी रिपोर्ट पेश
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र को 25 फरवरी तक पूरी जांच कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसमें यह बताया जाएगा कि किन कॉलेजों ने फर्जी तरीके से डिग्री दी, कौन-कौन से कॉलेज बिना मान्यता के चल रहे हैं, और अब तक की जांच में क्या-क्या खुलासा हुआ है।
छात्रों का भविष्य दांव पर!
इस खुलासे के बाद हजारों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। यदि इन कॉलेजों की डिग्रियां अवैध साबित होती हैं, तो इन डिग्रीधारकों की कानूनी प्रैक्टिस पर भी असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
बिना BCI मान्यता वाले सभी लॉ कॉलेजों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
जिम्मेदार कॉलेज संचालकों पर दर्ज होंगे केस।
छात्रों की डिग्रियों की वैधता पर लिया जाएगा फैसला।
हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरी जांच तेजी से पूरी की जाएगी।
मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच यह मामला एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में और भी कॉलेजों पर कार्रवाई की संभावना है।