VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / मध्य प्रदेश में अब शपथ पत्र और संपत्ति के एग्रीमेंट बनवाना होगा महंगा!

मध्य प्रदेश में अब शपथ पत्र और संपत्ति के एग्रीमेंट बनवाना होगा महंगा!

2025-08-07  Editor Shubham Jain  574 views

ImgResizer_20250807_0721_22628
भोपाल: अगर आप मध्य प्रदेश में रहते हैं और किसी काम के लिए शपथ पत्र (affidavit) या अचल संपत्ति का एग्रीमेंट बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने स्टांप शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब शपथ पत्र बनवाने के लिए आपको ₹50 की जगह ₹200 का स्टांप खरीदना होगा। इसी तरह, अचल संपत्ति के एग्रीमेंट के लिए स्टांप शुल्क ₹1,000 से बढ़कर सीधे ₹5,000 कर दिया गया है।


यह बदलाव एक बड़े निर्णय का हिस्सा है, जिसके तहत 12 तरह के कामों के लिए स्टांप शुल्क में वृद्धि की गई है। इस संबंध में 'भारतीय स्टांप (मप्र संशोधन) विधेयक 2025' बुधवार को विधानसभा में पारित कर दिया गया है।


विधेयक पर हंगामा: कांग्रेस का विरोध और सदन से बहिर्गमन
विधानसभा में इस विधेयक पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला फैसला बताया। उनका कहना था कि यह सरकार की जनविरोधी नीतियों का एक और उदाहरण है, जिससे गरीबों और मध्यम वर्ग को भारी परेशानी होगी। विरोध इतना तीखा था कि चर्चा के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
हालांकि, सत्ता पक्ष ने इस विधेयक को राज्य के राजस्व में वृद्धि के लिए एक आवश्यक कदम बताया। उनका तर्क था कि लंबे समय से स्टांप शुल्क की दरें नहीं बढ़ाई गई थीं और यह वृद्धि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए जरूरी है। सरकार का कहना है कि इस राजस्व का उपयोग जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किया जाएगा।
कौन से 12 कामों पर असर पड़ेगा?
इस विधेयक के पास होने के बाद 12 अलग-अलग तरह के दस्तावेज़ों और कानूनी प्रक्रियाओं पर लगने वाले स्टांप शुल्क में वृद्धि होगी। हालांकि, अभी तक सभी 12 कार्यों की पूरी सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि शपथ पत्र और संपत्ति के एग्रीमेंट सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।


इस वृद्धि से रियल एस्टेट सेक्टर और कानूनी कामों से जुड़े लोगों पर सीधा असर पड़ेगा। संपत्ति के खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया थोड़ी और महंगी हो जाएगी, जिसका बोझ अंततः खरीदार पर ही पड़ेगा। वहीं, छोटे-मोटे कानूनी कामों के लिए भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
क्या है सरकार का अगला कदम?
इस विधेयक के साथ ही, वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax Department) से जुड़े तीन और महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए हैं। इससे यह साफ है कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है। ये विधेयक वाणिज्यिक कर प्रणाली को और प्रभावी बनाने और कर चोरी को रोकने में मदद करेंगे।


सरकार का यह फैसला बताता है कि वह वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और राज्य की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएगी। हालांकि, विपक्ष का मानना है कि इन फैसलों का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा, जो पहले से ही महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है


मध्य प्रदेश में स्टांप शुल्क में यह वृद्धि एक बड़ा बदलाव है, जो आम नागरिक से लेकर व्यापार जगत तक सभी को प्रभावित करेगा। जहां एक तरफ सरकार इसे राजस्व बढ़ाने का जरूरी कदम मान रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बता रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस फैसले का क्या असर होता है और जनता इस पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।
 


Share:

26