मध्य प्रदेश के गोटेगांव में एक हैरान कर देने वाला 'अपहरण' कांड सामने आया है, जिसकी कहानी फिल्मी है, पर किरदार एकदम असली। एक विवाहित महिला के लापता होने से इलाके में सनसनी फैल गई थी, लेकिन पुलिस ने जब इस केस की परतें खोलीं, तो पति के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस 'अपहरण' की कहानी पर पुलिस सरगर्मी से जुटी थी, वह दरअसल, महिला का अपने प्रेमी के साथ भागने का एक शातिर प्लान निकला! पुलिस ने महिला और उसके आशिक को सीधे गुजरात से दबोचा है।
5 अक्टूबर का फिल्मी 'अपहरण' ड्रामा
गोटेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बगासपुर की रहने वाली नेहा शर्मा (बदला हुआ नाम) 5 अक्टूबर को अपने पति आकाश शर्मा और बच्चे के साथ झौतेश्वर मंदिर में दर्शन करने आई थी। मंदिर में दर्शन चल रहे थे, तभी अचानक एक कार सवार कुछ लोगों ने नेहा और उसके बच्चे का अपहरण कर लिया! यह शिकायत खुद पति आकाश शर्मा ने पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।
पुलिस भी तत्काल एक्शन में आई। एक विवाहित महिला और बच्चे के अपहरण की खबर सुनते ही पुलिस टीम एक्टिव हो गई और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
पति से ही खुला 'आशिक' का राज!
पुलिस ने जब पति आकाश शर्मा से अपहरण की घटना को लेकर गहराई से पूछताछ शुरू की, तो कहानी में 360 डिग्री का ट्विस्ट आ गया। सख्ती से हुई पूछताछ में पति ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसकी पत्नी का अपहरण किसी अज्ञात अपराधी ने नहीं, बल्कि उसके प्रेमी विशाल चौधरी ने किया था! यह सुनते ही पुलिस भी भौंचक्की रह गई। अपहरण की एफआईआर एक प्रेम-प्रसंग के मामले में बदल चुकी थी।
गुजरात तक पहुंची पुलिस, कार में रंगेहाथों पकड़े गए प्रेमी-प्रेमिका
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तकनीकी पहलुओं पर काम करना शुरू कर दिया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को पता चला कि महिला और उसका प्रेमी विशाल चौधरी, दोनों मध्य प्रदेश से हजारों किलोमीटर दूर गुजरात में हैं।
देरी न करते हुए गोटेगांव पुलिस की एक विशेष टीम लोकेशन पर पहुंची और सघन तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार, पुलिस ने नेहा शर्मा और उसके प्रेमी विशाल चौधरी को गुजरात में एक साथ कार में सफर करते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया!
'मैं अपनी मर्जी से भागी थी!'- महिला का चौंकाने वाला बयान
प्रेमी के साथ पकड़ी गई नेहा शर्मा को जब पुलिस वापस गोटेगांव थाना लेकर आई, तो उसने एक और चौंकाने वाला बयान दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह खुद अपनी मर्जी से अपने प्रेमी विशाल चौधरी के साथ गई थी।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। महिला ने भले ही खुद को 'पीड़िता' के बजाए 'प्रेमिका' घोषित कर दिया हो, लेकिन चूंकि मामला पति की शिकायत से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने सभी परिजनों को सूचना दी।
SDOP ने किया खुलासा, महिला को वन स्टॉप सेंटर भेजा
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए SDOP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह मामला अपहरण का नहीं, बल्कि स्वेच्छा से प्रेमी के साथ जाने का था। महिला के बयान दर्ज करने के बाद, पुलिस ने उसे सुरक्षा कारणों और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए वन स्टॉप सेंटर नरसिंहपुर भेज दिया है।
गोटेगांव का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, जहां मंदिर से शुरू हुई गुमशुदगी की कहानी का क्लाइमेक्स गुजरात की एक कार में हुआ।