
भोपाल, मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गरीबों को मुफ्त राशन वितरण और विभाग के डिजिटलीकरण प्रयासों की जमकर सराहना की। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
PMGKAY में ₹22,800 करोड़ का रिकॉर्ड वितरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत किए गए विशाल वितरण पर विभाग को बधाई दी।
* रिकॉर्ड तोड़ वितरण: योजना के तहत अब तक 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22,800 करोड़ रुपए से अधिक की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया जा चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम कितनी मजबूती से लागू किया गया है।
ई-केवाईसी से बड़ी बचत, 14 लाख नए हितग्राहियों को मिली राहत
विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत संपन्न की गई ई-केवाईसी प्रक्रिया रही। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को सराहा और बताया कि इससे न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ा फायदा हुआ है:
* ई-केवाईसी की सफलता: PDS के 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
* बचत और बिलोपन: ई-केवाईसी के बाद, 34.87 लाख अपात्र/फर्जी हितग्राहियों को पोर्टल से हटा दिया गया। इससे राज्य सरकार को प्रतिमाह ₹32.43 करोड़ की बड़ी बचत हो रही है।
* नए पात्रों को लाभ: इस बचत के कारण प्रतीक्षा सूची में शामिल लगभग 14 लाख नए पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर तुरंत निःशुल्क खाद्यान्न मिलना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने सुनिश्चित किया कि केवाईसी होने के 72 घंटों के भीतर पात्रता पर्ची जारी की जाए।
लाड़ली बहनों और किसानों को विशेष सौगात
समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला:
* सिलेंडर अनुदान: लाड़ली बहनों और उज्जवला योजना की लाभार्थियों को पिछले दो वर्षों में ₹911.3 करोड़ की राशि का रसोई गैस अनुदान दिया गया है।
* गेहूं पर बोनस: किसानों को राहत देते हुए, सरकार ने वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर ₹125 रुपए और वर्ष 2025-26 में ₹175 रुपए का बोनस देने की घोषणा की।
* धान के लिए प्रोत्साहन: खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
डिजिटल मॉनिटरिंग और सिंहस्थ 2028 की तैयारी
विभाग अब आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है:
* आधुनिक पीओएस मशीनें: उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस (Point of Sale) मशीनें लगाई जाएंगी।
* GPS मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत अनाज ढोने वाले वाहनों की निगरानी जीपीएस के माध्यम से राज्य स्तर से की जा रही है।
* वेयरहाउसिंग में टेक्नोलॉजी: वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप जैसे डिजिटल टूल बनाए गए हैं।
* सिंहस्थ 2028: आगामी सिंहस्थ मेले के लिए भी तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानें स्थापित की जाएंगी और अखाड़ों की मांग पर अस्थायी राशन कार्ड और गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और त्वरित सेवाएं प्रदान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।