
भोपाल, 27अप्रैल 2025 —
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार देर शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर प्रदेश की कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया — “जनप्रतिनिधियों के सम्मान में कोई कोताही नहीं, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई अनिवार्य।” इस दौरान पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों के सम्मान को मिलेगी मजबूती
डॉ. यादव ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को यथोचित सम्मान देने की परंपरा को अब और प्रभावी बनाया जाएगा। पूर्व में जारी प्रोटोकॉल के पालन में हुई चूक को सुधारते हुए, नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि “सम्मान जनसेवा का मूल है और सरकार इसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
नक्सलवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम
प्रदेश में नक्सल गतिविधियों पर लगातार लगाम कसने की कोशिशें रंग ला रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बालाघाट अब गंभीर नक्सल-प्रभावित जिलों की श्रेणी से बाहर आ चुका है — यह एक बड़ी उपलब्धि है। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा, “2026 तक मध्यप्रदेश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर देंगे।” नवीनतम तकनीक, संसाधनों और स्थानीय सहयोग से राज्य सरकार नक्सलियों का जड़ से सफाया करने को तैयार है।
आतंकवाद और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस
पहलूगाम आतंकी हमले के बाद मध्यप्रदेश में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पाकिस्तानी वीजाधारी नागरिकों की पहचान कर, गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार उन्हें प्रदेश से बाहर किया जाए। साथ ही जम्मू-कश्मीर से आए छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
शिक्षण संस्थान बनेंगे सुरक्षित क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों को अपराध मुक्त बनाए रखने के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिए। हाल के घटनाक्रमों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि “स्कूल-कॉलेज के आसपास अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
त्यौहारों पर कानून व्यवस्था होगी पुख्ता
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश पुलिस को 'अलर्ट मोड' पर रहने का आदेश दिया। विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सख्त निगरानी की तैयारी शुरू कर दी गई है। डॉ. यादव ने कहा, “प्रदेश में नागरिक निर्भय वातावरण में अपने पर्व-त्यौहार मना सकें, यह सरकार की प्राथमिकता है।”