नीमच। जिले के सिंगोली तहसील क्षेत्र में पंजीयन विभाग के साथ भारी धोखाधड़ी करने के मामला प्रकाश में आया है, जिसमें मौके पर आलीशान भवन बना होने के बाद भी षड़यंत्र, कुटरचना और फर्ज तरिके से रजिस्ट्री करा दी गई है। मामले में महानिरीक्षक पंजीयन विभाग भोपाल और कलेक्टर को शिकायत कर क्रेता-विक्रेता के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता राहुल पिता ओमप्रकाश सेन निवासी सिंगोली ने शिकायत में उल्लेख करते हुए बताया कि सिंगोली की एक संपत्ति का विक्रय-पत्र सिंगोली में उप पंजीयक कार्यालय होते हुए भी पंजीयक कार्यालय जिला नीमच में 03.06.2022 को कराया गया ताकि इसकी भनक स्थानीय उप पंजीयक अधिकारी को न लगे। क्योंकि भवन के स्थान पर सिंचित कृषि भूमि का फर्जी व कुटरचित रजिस्ट्री कराई गई है, जिसका ई-पंजीकरण संख्या एमपी 27946202201589739 है। शिकायत में बताया गया कि विक्रय-पत्र में क्रेता सुचिता पिता नन्दकिशोर जैन / पति प्रवीण जैन निवासी चन्द्रशेखर आजाद मार्ग आजाद चौपाटी सिंगोली है, जिन्होने अपना निवास का वर्तमान पता न लिखाते हुए रजिस्ट्री में असत्य व गलत जानकारी देकर दुर्भावनापूर्वक पूर्व का अपने पिता का कोटा राजस्थान का पता लिखाया व अपनी पहचान छुपाई है ताकि कार्रवाई के दौरान क्रेता सुचिता को ढुंढा नहीं जा सकें ।
षड़यंत्र में क्रेता का सर्विस प्रोवाईडर पति, देवर और सुसर भी शामिल-
शिकायत में यह भी बताया कि रजिस्ट्री में जिस विक्रेता महिला को दर्शाया गया है, वह ग्रामीण क्षेत्र ग्राम पटियाल की भोलीमाली ग्रामीण परिवेश की अनपढ़ महिला है, उसे क्रेता सुचिता द्वारा नीमच ले जाकर बहला फुसलाकर गलत जानकारी देकर यह कहते कि विक्रेता जमीन सिंगोली के घाट पर स्थित होने की सिंचित कृषि भूमि का सौदा कर विक्रय-पत्र कराया जा रहा है, जबकि प्रश्नाधीन भूमि पर मौैके पर आलीशान भवन बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस षड़यंत्र में के्रता सुचिता का सर्विस प्रोवाईडर पति प्रवीण जैन व सर्विस प्रोवाईडर देवर शैलेन्द्र जैन और सुसर अशोक सेठिया भी शामिल हैं, जो पूर्व में स्टॉम्प वेंडर रह चुका है, जिनके विरूद्ध सिंगोली में पंजीयक विभाग द्वारा आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें उसे सजा हुई है। ऐसे सजायाहाफता परिवार की शातिर क्रेता सुचिता ने विक्रेता को अंधेरे में रखकर व विक्रय-पत्र सिंगोली के नीमच-कोटा रोड़ का करा लिया। जहां मौके पर कोई सिंचित कृषि भूमि न होकर आलीशान भवन बने है । विक्रय-पत्र में मौके के इन भवन के फोटो न लगाते घाट की भूमि के फोटो लगे है। शिकायतकर्ता ने मामले में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है।