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लुटेरी दुल्हन का 'नींद वाला' कांड: मंदिर में रचाई शादी, फिर खाने में नशीली गोलियां मिलाकर 3 लाख लेकर फरार

2026-01-01  Editor Shubham Jain  507 views

ImgResizer_IMG-20260101-WA0026देवास (कमलापुर): अगर आप भी शादी के लिए किसी बिचौलिए या अनजान शख्स पर भरोसा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! मध्य प्रदेश के कमलापुर में 'लुटेरी दुल्हनों' के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने पहले तो मंदिर में पवित्र सात फेरों का नाटक किया और फिर मौका मिलते ही दूल्हे और उसके परिवार को गहरी नींद सुलाकर रफूचक्कर हो गईं।

क्या है पूरा मामला?

मामला 26 दिसंबर 2025 का है, जब ग्राम बेड़ामऊ के निवासी रवि जाटवा और सतीश डोरिया ने थाना कमलापुर में आपबीती सुनाई। फरियादियों ने बताया कि उनकी शादी आरती मरकाम और सरिता परतेती नाम की युवतियों से जटाशंकर मंदिर (बागली) में पूरे विधि-विधान और फूल-मालाओं के साथ संपन्न हुई थी। उन्हें लगा था कि उनका घर बस गया है, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वे एक खतरनाक गिरोह के जाल में फंस चुके हैं।

प्लानिंग: शादी के 8वें दिन दिया वारदात को अंजाम

शादी के बाद करीब एक हफ्ते तक सब कुछ ठीक रहा। लेकिन 23 दिसंबर की रात इन 'लुटेरी दुल्हनों' ने अपना असली रंग दिखाया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दुल्हनों ने घर के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। जैसे ही दूल्हा और परिवार के सदस्य बेसुध होकर गहरी नींद में सो गए, ये दोनों महिलाएं घर में रखी 3 लाख रुपये की नगदी और सोने का पेंडल लगा मंगलसूत्र लेकर चंपत हो गईं।

पुलिस की कार्रवाई: छिंदवाड़ा से दबोचा गया गिरोह

थाना कमलापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुखबिरों को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद ली। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए जिला छिंदवाड़ा में दबिश दी। यहाँ से पुलिस ने न सिर्फ दोनों लुटेरी दुल्हनों को गिरफ्तार किया, बल्कि इस गिरोह को चलाने वाले उनके साथियों को भी दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई राशि और जेवर भी बरामद कर लिए हैं।

कैसे काम करता है यह 'हनी ट्रैप' गिरोह?

पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला है। इस गिरोह का नेटवर्क बहुत शातिर है:

 * टारगेट: गिरोह के सदस्य ऐसे अविवाहित पुरुषों की तलाश करते हैं जिनकी शादी नहीं हो रही होती।

 * लालच: शादी का झांसा देकर उन्हें फंसाया जाता है और बदले में 'खर्च' के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।

 * फर्जी पहचान: महिलाओं के नाम और पते अक्सर फर्जी बताए जाते हैं।

 * एग्जिट प्लान: गिरोह का मास्टरमाइंड महिलाओं को पहले ही समझा देता है कि कितने दिन बाद और कैसे भागना है।

> पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के माध्यम से शादी तय करने से पहले युवक और युवती के परिवार व पते की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।


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