
लटेरी। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का ऐतिहासिक कस्बा लटेरी इन दिनों उत्सव के रंग में डूबा है। अवसर है करीब 80 साल पुराने ऐतिहासिक मेले का, जिसमें शामिल होने जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रदेशाध्यक्ष अरुण सक्सेना पहुंचे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने न केवल मेले की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा, बल्कि पत्रकारों को एकजुट रहने का एक शक्तिशाली संदेश भी दिया।

80 साल पुराने मेले की विरासत और भव्य स्वागत
लटेरी का यह मेला पिछले आठ दशकों से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है। जब प्रदेशाध्यक्ष अरुण सक्सेना और प्रांतीय संगठन सचिव हर्ष नायक मेला परिसर पहुंचे, तो नगर परिषद लटेरी द्वारा उनका नागरिक अभिनंदन किया गया। विधायक प्रतिनिधि संजय अत्तू भंडारी और नगर परिषद उपाध्यक्ष शिवचरण प्रजापति ने सक्सेना को शाल और साफा पहनाकर सम्मानित किया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह मेला निरंतर भव्य रूप ले रहा है। चर्चा के दौरान मेले के प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में इसके योगदान के आंकड़ों को भी साझा किया गया, जो इसकी सफलता की कहानी बयां करते हैं।

वरिष्ठता का सम्मान और 'खट्टे-मीठे' अनुभव
संगठनात्मक गतिविधियों से इतर, प्रदेशाध्यक्ष ने क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार श्याम चतुर्वेदी के प्रतिष्ठान पर उनसे सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान पत्रकारिता के बदलते दौर, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर लंबी चर्चा हुई। दोनों दिग्गजों ने पत्रकारिता के अपने पुराने "खट्टे-मीठे" अनुभवों को साझा किया, जो नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए किसी सीख से कम नहीं थे।
झूले की मस्ती और सारंगपुर की प्रसिद्ध आइसक्रीम
काम के दबाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच प्रदेशाध्यक्ष ने लटेरी मेले में एक आम पर्यटक की तरह समय बिताया। उन्होंने साथी पत्रकारों के साथ मेले का भ्रमण किया और बचपन की यादें ताजा करते हुए 'नाव वाले झूले' का आनंद लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने साथियों संग सारंगपुर की मशहूर आइसक्रीम का लुत्फ भी उठाया। मेले के इस अनौपचारिक भ्रमण ने पत्रकारों के बीच आपसी मेलजोल को और मजबूत किया।
हुंकार: “पत्रकारों के मान-सम्मान से समझौता नहीं”
मेले के आनंद के बीच अरुण सक्सेना ने पत्रकारों के अधिकारों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "पत्रकार स्वयं को कतई कमजोर न समझें। जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश अपने हर सदस्य और पत्रकार साथी के मान-सम्मान के लिए हर हद तक जाने को तैयार है।" उन्होंने संगठन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और उनके हक की लड़ाई में JUMP सदैव ढाल बनकर खड़ा रहेगा।
जिमीकंद का स्वाद और सामूहिक भोज
दौरे का समापन बेहद आत्मीय माहौल में हुआ। जम्प (JUMP) की लटेरी इकाई के अध्यक्ष अशोक मीना के प्रतिष्ठान पर सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। यहाँ पारंपरिक व्यंजनों के साथ विशेष रूप से तैयार 'जिमीकंद (सूरन) की सब्जी' परोसी गई। अपनत्व और सौहार्द के इस माहौल में सभी पत्रकारों ने एक साथ भोजन किया, जो संगठन की एकता का प्रतीक बना।
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकार, गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। लटेरी का यह दौरा पत्रकारिता और संस्कृति के अनूठे संगम के रूप में याद किया जाएगा।