
30 मई 2025 ग्यारसपुर
खरीफ सीजन 2025 को लेकर शासन-प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रहा है। एक ओर विकासखण्ड स्तर पर खाद वितरण की निगरानी हेतु SDM की अध्यक्षता में सख्त निर्देश जारी किए गए, वहीं दूसरी ओर ग्यारसपुर में कृषि स्थाई समिति की बैठक में किसानों की समस्याएं और कृषि योजनाओं की समीक्षा की गई। दोनों बैठकों में उर्वरक आपूर्ति, योजनाओं का लाभ और पारदर्शिता को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
SDM की बैठक में सख्ती: “खाद वितरण में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं” 
विकासखण्ड कार्यालय में आज अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में खरीफ वर्ष 2025 की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बहुउद्देशीय कृषि-साख सहकारी समिति मर्या., डबल लॉक नगद उर्वरक वितरण केन्द्र, और निजी उर्वरक विक्रेताओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
तहसीलदार, SADO, एवं कृषि विस्तार अधिकारी जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
1. उर्वरक की कालाबाजारी पर पूर्ण प्रतिबंध: विकासखण्ड में किसी भी प्रकार की उर्वरक कालाबाजारी को सख्ती से रोका जाएगा।
2. POS मशीन से खाद वितरण अनिवार्य: हर किसान को POS मशीन द्वारा खाद उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वितरण पारदर्शी और ट्रैक योग्य बना रहे।
3. किसानों की सूची संधारित की जाए: खाद पाने वाले प्रत्येक किसान की सूची बनाई जाएगी जिसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर, रकबा और खाद की मात्रा दर्ज होगी।
4. सरकारी खाद पर छाप अनिवार्य: शासकीय उर्वरक केन्द्रों से बिकने वाली हर बोरी पर "शासकीय विक्रय" की मुहर लगाना अनिवार्य किया गया।
एसडीएम ने कहा कि खाद की वितरण व्यवस्था में कोई भी लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने उर्वरक वितरण की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश भी जारी किए।
ग्यारसपुर में कृषि स्थाई समिति की बैठक: योजनाओं की समीक्षा से लेकर खरीफ की मांग तक गहन चर्चा
दूसरी ओर, विकासखंड ग्यारसपुर के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में कृषि स्थाई समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सुखविंदर सिंह दांगी ने की। साथ में जनपद अध्यक्ष रजनी बृजेश लोधी, जनपद उपाध्यक्ष प्रीति शंकर दयाल शर्मा, समिति सदस्य सुरभि रमेश अहिरवार, लक्ष्मीबाई राकेश अहिरवार, जिला सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक, पशुपालन, उद्यानिकी, और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, वे इस प्रकार हैं:
विकसित कृषि संकल्प यात्रा की प्रगति
नरवाई प्रबंधन की चुनौतियाँ और समाधान
मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता और वितरण
बीज एवं उर्वरक की मांग का आकलन
पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की जानकारी
किसानों ने खरीफ सीजन में उत्तम बीज एवं पर्याप्त उर्वरक की समय पर आपूर्ति की मांग की। साथ ही अधिकारियों ने उपस्थित कृषकों को केंद्र व राज्य सरकार की नवीनतम योजनाओं की जानकारी दी।
किसानों ने जताई संतुष्टि, बोले- “अब इंतज़ार नहीं, समाधान चाहिए”
बैठक के बाद किसानों ने प्रशासन की सक्रियता की सराहना की। उनका कहना था कि अगर खाद, बीज, और अन्य संसाधन सही समय पर मिलें, तो पैदावार भी दोगुनी हो सकती है।
स्थानीय किसान रमेश यादव ने कहा, “हर साल हमें खाद और बीज के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अगर इस बार तय समय पर आपूर्ति हो जाए तो खरीफ सीजन शानदार जाएगा।”
खरीफ सीजन 2025 के लिए प्रशासन और किसान दोनों तैयार
खरीफ 2025 को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। खाद वितरण से लेकर बीज आपूर्ति और योजनाओं की जानकारी तक, हर स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
एसडीएम स्तर की निगरानी, POS आधारित पारदर्शी वितरण, और कृषि स्थाई समिति की भागीदारी से स्पष्ट है कि इस बार किसान हित को प्राथमिकता दी जा रही है।
यदि इन सभी निर्णयों का ईमानदारी से पालन हुआ, तो खरीफ 2025 किसानों के लिए एक सफल और लाभकारी सीजन साबित हो सकता है।