
भोपाल, 1 जून: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर बेखौफ अपराधियों के निशाने पर आ गई है। शहर के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले शाहजहानाबाद थाना क्षेत्र में बीती रात एक सनसनीखेज लूट की वारदात ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि आम नागरिकों के मन में डर और असुरक्षा की भावना भी भर दी है।
ईदगाह हिल्स निवासी राजेश अठवानी जब रात को अपनी दुकान बंद कर लौट रहे थे, तब उन पर घात लगाए बैठे हथियारबंद बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह वारदात कैंब्रिज स्कूल के सामने उस वक्त हुई जब वह पेट्रोल डलवाकर स्टेट बैंक चौराहे से अपने घर लौट रहे थे।
धारदार हथियारों से किया गया हमला, गंभीर रूप से घायल व्यापारी
पीड़ित राजेश अठवानी का कहना है कि जैसे ही वह बाइक पर घर की ओर निकले, तभी 4 से 5 अज्ञात बदमाशों ने अचानक रास्ता रोक लिया और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें 8 से 9 टांके लगाए।
₹45 हजार नकद और जरूरी दस्तावेज भी ले गए लुटेरे
लुटेरों ने उनके पास रखा बैग भी छीन लिया, जिसमें ₹40 से ₹45 हजार नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। बदमाश लूट को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस अब इन लुटेरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।
परिजनों ने किया बड़ा खुलासा – पहले भी हो चुका है हमला
राजेश अठवानी के परिजनों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि कुछ माह पूर्व उनके भाई पर भी इसी तरह का हमला किया गया था। वह मामला हनुमानगंज थाने में दर्ज है, लेकिन पुलिस उस मामले में भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। यह बात इस आशंका को और मजबूत करती है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है जो लगातार कारोबारियों को अपना निशाना बना रहा है।
राजधानी की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दिन-ब-दिन बढ़ती आपराधिक घटनाओं से आमजन का भरोसा पुलिस प्रशासन से उठता जा रहा है। जिस शाहजहानाबाद क्षेत्र को पुलिस द्वारा 'हाई सिक्योरिटी जोन' माना जाता है, वहां इतनी बड़ी घटना का होना न सिर्फ चिंता का विषय है बल्कि आने वाले समय में और गंभीर संकट का संकेत भी।
सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणाली
इस लूट की घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक पुलिस कोई फुटेज सार्वजनिक नहीं कर पाई है। न तो लुटेरों की पहचान हो सकी है और न ही कोई सुराग हाथ लगा है। इससे साफ होता है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ समाप्त हो चुका है।
रात में चलना अब खतरे से खाली नहीं?
इस वारदात ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या भोपाल की सड़कों पर अब रात में सुरक्षित चलना भी खतरे से खाली नहीं है? क्या अब व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करें? अगर राजधानी में ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहीं, तो जनता का भरोसा पुलिस पर से पूरी तरह उठ जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और जनता की अपेक्षा
शाहजहानाबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही लुटेरों की गिरफ्तारी की जाएगी। लेकिन जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहती, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है। यह घटना महज एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर एक हमला है।