VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / किसानों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान: सोयाबीन पर भावांतर योजना का ‘डबल धमाका’

किसानों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान: सोयाबीन पर भावांतर योजना का ‘डबल धमाका’

2025-10-05  Editor Shubham Jain  726 views

ImgResizer_20251005_0924_11730

वसीम कुरेशी रायसेन। मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी उपज का सही और उचित मूल्य दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भावांतर योजना को जोर-शोर से लागू किया है। इसी क्रम में, रायसेन में इस योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने और पंजीयन के लिए प्रेरित करने हेतु एक विशाल बाइक और ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया, जिसे सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रायसेन जिले के किसानों के बीच भावांतर योजना का प्रचार-प्रसार करने के लिए यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर से शुरू हुई यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कृषि उपज मंडी परिसर में जाकर समाप्त हुई, जहां किसानों और व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

भावांतर योजना: MSP से कम दाम पर भी घाटे की चिंता नहीं

विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए किसानों को संबोधित किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की किसान कल्याण नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

डॉ. चौधरी ने सोयाबीन उत्पादक किसानों से विशेष अपील करते हुए कहा कि भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए वे 17 अक्टूबर से पहले अपना पंजीयन अवश्य करा लें। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि सोयाबीन की फसल को उचित दाम मिले। किसान भाई 24 अक्टूबर से 15 जनवरी तक अपनी सोयाबीन कृषि उपज मंडी में बेच सकेंगे।

उन्होंने योजना की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि किसान पहले की तरह मंडियों में अपनी उपज बेचेंगे। यदि किसी कारणवश सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है, तो विक्रय मूल्य और MSP के बीच के अंतर की राशि सीधे प्रदेश सरकार द्वारा किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी। इस योजना के लागू होने से सोयाबीन किसानों में खुशी की लहर है, क्योंकि अब उन्हें कम दाम पर फसल बेचने के डर से मुक्ति मिलेगी।

विधायक डॉ. चौधरी ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि भावांतर योजना का लाभ हर किसान तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

रबी फसलों की MSP में भी शानदार वृद्धि

किसानों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए डॉ. चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सराहना की। उन्होंने बताया कि रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी वृद्धि की गई है।

 * गेहूं के MSP में पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 की वृद्धि की गई है, और वर्ष 2026-27 के लिए यह ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

 * इसी प्रकार, जौ का समर्थन मूल्य ₹2150, चना का ₹5875, और मसूर का ₹7000 प्रति क्विंटल तय किया गया है।

विधायक ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती किए जाने से कृषि यंत्रों सहित कई आवश्यक सामग्रियों की कीमतें कम हुई हैं, जिसका सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा ने भी किसानों से 17 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले भावांतर योजना में पंजीयन कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए लगातार कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। कृषि उप संचालक केपी भगत ने भावांतर योजना की विस्तृत जानकारी दी।

यह रैली और बैठक सरकार की उस दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है, जिसके तहत वह किसानों की आय में वृद्धि करने और उन्हें उनकी मेहनत का सही फल दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना सोयाबीन उत्पादकों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगी।


Share:

26