अशोकनगर/इंदौर: मध्य प्रदेश में अपराध की दुनिया के तार अब अंतरराष्ट्रीय गैंग्स से जुड़ते नजर आ रहे हैं। सोमवार को अशोकनगर जिला जेल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इंदौर क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने वहां दस्तक दी। टीम यहाँ किसी नए अपराधी को पकड़ने नहीं, बल्कि जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खतरनाक गुर्गे मनीष जांगिड़ को अपनी कस्टडी में लेने पहुंची थी।
इंदौर क्राइम ब्रांच मनीष को कड़ी सुरक्षा के बीच अशोकनगर से इंदौर ले गई है, जहाँ उससे रंगदारी और आतंकी साजिशों के बड़े नेटवर्क पर पूछताछ की जाएगी।
10 करोड़ की डिमांड और 'पेट्रोल बम' का दहशतगर्दी प्लान
मनीष जांगिड़ कोई मामूली अपराधी नहीं है। उस पर आरोप है कि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर एक बड़े व्यापारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। लेकिन बात सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मनीष और उसके साथी शहर में 'पेट्रोल बम' से हमला कर दहशत फैलाना चाहते थे। उनकी योजना आगजनी और धमाकों के जरिए पुलिस और प्रशासन को चुनौती देने की थी।
अशोकनगर के बाद अब इंदौर था निशाने पर
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, मनीष जांगिड़ ने अशोकनगर में वारदात को अंजाम देने के बाद अपना अगला ठिकाना इंदौर को बनाने की प्लानिंग कर ली थी। वह इंदौर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, जिससे पहले ही उसे दबोच लिया गया। मनीष के साथ उसके दो अन्य साथी भी फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे हैं, जिनसे मिली जानकारी के आधार पर इंदौर पुलिस अब कड़ियाँ जोड़ रही है।
जेल से 'वारदात' की स्क्रिप्ट?
अशोकनगर जिला जेल से मनीष को ले जाने की कार्रवाई यह संकेत देती है कि पुलिस को उसके पास से कुछ ऐसे इनपुट्स मिले हैं, जो सीधे इंदौर की सुरक्षा से जुड़े हैं। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि:
मनीष जांगिड़ के तार सीधे लॉरेंस बिश्नोई से कैसे जुड़े?
उसके पास हथियार और पेट्रोल बम बनाने का सामान कहाँ से आना था?
इंदौर में उसके 'स्लीपर सेल' और मददगार कौन-कौन हैं?
सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर है। मनीष जांगिड़ की इंदौर रवानगी के बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस गैंग के सक्रिय सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। अशोकनगर पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच का यह जॉइंट ऑपरेशन अपराधियों के मनोबल को तोड़ने वाला साबित होगा।