डबरा। कहते हैं कि कानून की नजर में सब बराबर होते हैं, और इस बात की जीवंत मिसाल आज डबरा की सड़कों पर देखने को मिली। जब डबरा विधायक सुरेश राजे की गाड़ी को मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान रोक लिया गया। इतना ही नहीं, नियमों की अनदेखी भारी पड़ी और मौके पर ही विधायक जी की गाड़ी से हूटर उतरवाकर भारी-भरकम चालान थमा दिया गया।
बीच सड़क पर 'हाई वोल्टेज' ड्रामा
डबरा सिविल न्यायालय के सामने उस समय हड़कंप मच गया जब रूटीन मजिस्ट्रेट वाहन चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान डबरा विधायक सुरेश राजे का वाहन वहां से गुजरा। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने बिना किसी हिचकिचाहट के विधायक की गाड़ी को रुकने का इशारा किया।
शुरुआत में माहौल थोड़ा गरमाया, लेकिन मजिस्ट्रेट चेकिंग के सख्त तेवरों के आगे किसी की एक न चली। नियमों के मुताबिक, निजी या बिना अनुमति वाले वाहनों पर हूटर लगाना प्रतिबंधित है। इसी नियम का उल्लंघन विधायक जी की गाड़ी में पाया गया।
10 हजार का चालान और एक घंटे का इंतज़ार
कार्रवाई इतनी सख्त थी कि मौके पर ही विधायक की गाड़ी से हूटर निकालने के निर्देश दिए गए। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मिलकर गाड़ी से हूटर हटवाया। इसके साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये की चलानी कार्रवाई भी की गई।
हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विधायक सुरेश राजे को लगभग एक घंटे तक सड़क पर ही खड़ा रहना पड़ा। मौके पर मौजूद राहगीरों के लिए यह चर्चा का विषय बन गया कि 'रसूख' पर आज 'नियम' भारी पड़ रहे हैं।
जनता में चर्चा: “कानून से ऊपर कोई नहीं”
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं। लोग मजिस्ट्रेट और प्रशासन की इस निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। डबरा सिविल न्यायालय के सामने हुई इस कार्रवाई ने एक कड़ा संदेश दिया है कि पद चाहे कितना भी बड़ा हो, सड़क पर चलते समय नियम सबके लिए एक समान हैं।
विधायक सुरेश राजे ने हालांकि इस दौरान शालीनता बनाए रखी, लेकिन एक घंटे तक चली इस गहमागहमी ने प्रशासन की मुस्तैदी को साबित कर दिया है। फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।