
मध्य प्रदेश के सागर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सरकारी कामों में लापरवाही और समय पर काम पूरा न करने वाले पंचायत सचिवों पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रे संदीप जी.आर. ने सख्त एक्शन लिया है। कलेक्टर ने अलग-अलग ग्राम पंचायतों के दर्जनों सचिवों पर जुर्माना ठोंका है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए कड़ी चेतावनी है जो जनता के कार्यों को लेकर ढिलाई बरतते हैं।
क्यों हुआ एक्शन? लापरवाही की हद पार
मामला सीधे तौर पर ड्यूटी में लापरवाही और प्रकरणों का निपटारा तय समय-सीमा में नहीं करने से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि इन पंचायत सचिवों के पास कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित थे, जिन्हें निपटाने के लिए बार-बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने आदेशों को हवा में उड़ा दिया।
जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनके दैनिक कार्यों को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर पंचायत सचिवों की होती है। ऐसे में उनकी यह लापरवाही न केवल प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ भी है। इसी गंभीर रवैये को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जुर्माना आदेश जारी किया गया।
इन 'लापरवाह' सचिवों पर लगा जुर्माना
कलेक्टर संदीप जी.आर. के आदेशानुसार, जनपद पंचायत बंडा, जैसीनगर, केसली, देवरी, मालथौन और शाहगढ़ की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है। इस लिस्ट में सतीश तिवार (बिहारीपुरा, सागर), जितेंद्र राजपूत (सरखडी, जैसीनगर), संतोष तिवारी (चकेरी, जैसीनगर), रामकुमार चौबे (साजी बंडा, पिडरूआ बंडा), जमना दुबे (कलराहो बंडा), रणवीर सिंह ठाकुर (चकेरी बिनैका बंडा), गौर कृष्ण दास ठाकुर (कंदारी बंडा), राजेंद्र ठाकुर (वीजरी बण्डा), भगवानदास बैरागी (नैनधरा बंडा), भगवान सिंह लोधी (चारौधा अण्डा) और हरिकांत दुबे (बरखेरा सिकंदर रहली) शामिल हैं।
इनके अलावा, केसली, देवरी, मालथौन और शाहगढ़ जनपद के भी कई अन्य सचिवों पर कार्रवाई हुई है। इनमें कुंजन लोधी (बाकोरी केसली), नरेंद्र पाल (नयानगर केसली), सतीश तिवारी (खेरीकला केसली), संतोष राजपूत (धावरीउमरिया केसली), कमल अहिरवार (केसली), बलवंत सिंह (देहुक्षुआ केसली), तुलसीराम विश्वकर्मा (मोहासा केसली), रामप्रकाश यादव (पलोहा केसली), लखन राय (केरपानी केसली), निरंजन खरे (खटोला केसली), रमेश दुबे (महुआखेडा केसली), लखन लोधी (मडखेरा देवरी), गणेश सिंह (वीना देवरी), कमल सिंह राजपूत (पिपरिया पाठक देवरी), रामकुमार शुक्ला (सुना पंजारा देवरी), शरद कुमार दुबे (रामखिरिया देवरी), संतोष विश्वकर्मा (रेडोन मालगुजारी मालथौन), अखिलेश जैन (सागोनी मालथौन), महेश सेन (जुझारपुरा मालथौन), चंद्रभान विश्वकर्मा (उजनेट मालथौन), राजेंद्र सिंह (सादपुर शाहगढ) और भानुप्रताप सिंह (पुराशाहगढ़) के नाम प्रमुख हैं।
सख्त निर्देश: 72 घंटों में भरें जुर्माना!
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने इन सभी सचिवों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जुर्माना राशि को अगले तीन दिन के भीतर सरकारी कोष में जमा कराया जाए। यह सख्त समय-सीमा बताती है कि प्रशासन अब सरकारी काम में ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। इस तरह के सख्त कदम से यह उम्मीद जताई जा रही है कि पंचायत स्तर पर कामकाज की गति तेज होगी और जनता के काम समय पर पूरे होंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार सुशासन और समयबद्ध कार्यप्रणाली पर जोर दे रही है। कलेक्टर का यह एक्शन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो निचले स्तर तक जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश देता है।