
वसीम कुरेशी रायसेन, मध्य प्रदेश - लोकसभा चुनाव में धांधली और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में हल्ला बोल दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को रायसेन जिले के सांची में कांग्रेस ने 'वोट अधिकार सत्याग्रह रैली' का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। यह रैली सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि कांग्रेस का चुनाव प्रणाली पर कम होते भरोसे को फिर से बहाल करने का एक प्रयास था।
जोरदार रैली, गंभीर आरोप
पाटन देव स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़रते हुए महामाया चौक पर एक आम सभा में बदल गई। इस सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने "वोट चोरी करके सरकार बनाई है।" पटवारी ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान 1 लाख से अधिक वोट कैसे बढ़ गए? उन्होंने दावा किया कि 35 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर 30,000 से कम वोटों के अंतर से जीत हुई है, जिनमें वोटों की हेराफेरी की गई है। पटवारी के अनुसार, 60 से अधिक सीटों पर स्पष्ट रूप से धांधली के सबूत हैं।
एंबुलेंस को रास्ता: मानवता की मिसाल
सभा के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया, जिसने पटवारी और कांग्रेस की संवेदनशीलता को उजागर किया। जब लगातार एंबुलेंस गुजरने लगीं, तो पटवारी ने तुरंत कार्यकर्ताओं को सभा रोकने का निर्देश दिया ताकि एंबुलेंस को पहले रास्ता मिल सके। उनके इस कदम की कार्यकर्ताओं ने जमकर सराहना की और तालियां बजाकर उनका सम्मान किया। यह छोटी सी घटना राजनीति की गहमागहमी के बीच मानवता का एक बड़ा संदेश दे गई।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी, एकजुटता का प्रदर्शन
इस रैली में कांग्रेस के कई बड़े चेहरे मौजूद थे, जिन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। इनमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा और अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष अदील सिद्दीकी शामिल थे। इन नेताओं की मौजूदगी ने यह दर्शाया कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकजुट है।
लोकतंत्र बचाने की गुहार और ज्ञापन
सभा के अंत में कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में चुनाव प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की गई और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की गुहार लगाई गई। पटवारी ने चेताया कि यदि ऐसी गड़बड़ियां जारी रहीं, तो जनता का चुनाव प्रणाली पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने भाजपा पर "नफरत फैलाने और वोट चोरी" का आरोप लगाया और कांग्रेस के 'हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सब आपस में भाई-भाई' के नारे को दोहराया।
मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री पर तंज
पटवारी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी जमकर तंज कसे। उन्होंने कहा कि मोहन यादव "फ्री-फंड" में मुख्यमंत्री बन गए हैं, क्योंकि वोट तो शिवराज सिंह चौहान के नाम पर मांगे गए थे। शिवराज सिंह चौहान के लाडली बहना योजना के वादों को लेकर भी उन्होंने कटाक्ष किया कि "अभी 1000 हैं, सरकार बनी तो 3000 कर दूंगा" का वादा भी अधूरा रह गया।
कांग्रेस का यह 'वोट अधिकार सत्याग्रह' एक संदेश है कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार है। रायसेन की यह रैली उसी लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।