VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / जिलाधिकारी उत्कृष्टता का सम्मान: कर्मयोगी पोर्टल ने खोला विकास का नया द्वार

जिलाधिकारी उत्कृष्टता का सम्मान: कर्मयोगी पोर्टल ने खोला विकास का नया द्वार

2025-09-23  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  311 views

ImgResizer_20250923_0815_02867

विदिशा, मध्य प्रदेश: विदिशा जिले के अधिकारियों ने प्रशासनिक कौशल और सुशासन की दिशा में एक शानदार मिसाल कायम की है। कर्मयोगी पोर्टल पर सबसे अधिक प्रशिक्षण प्राप्त कर, जिले के अधिकारियों ने न केवल अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाया है, बल्कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बने हैं। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए, कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने इन अधिकारियों को सम्मानित किया, जिससे जिले में ज्ञान और कौशल विकास के महत्व को एक नई पहचान मिली है।

यह सम्मान समारोह कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ कलेक्टर ने उन अधिकारियों की सराहना की जिन्होंने सतत अधिगम (continuous learning) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने इस मौके पर कहा, “सतत अधिगम और कौशल विकास प्रशासनिक कार्यकुशलता और सुशासन की दिशा में एक अहम कदम है। यह सुनिश्चित करता है कि हमारे अधिकारी नवीनतम तकनीकों और नीतियों से अपडेट रहें, जिससे वे जनता को बेहतर सेवाएँ प्रदान कर सकें।”

सम्मानित होने वाले अधिकारियों में कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन अधिकारी शामिल हैं। संयुक्त कलेक्टर अनुभा जैन, जिनकी लगन और मेहनत ने उन्हें इस सम्मान का हकदार बनाया, ने जिले के प्रशासनिक कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिला आपूर्ति अधिकारी अनिल तंतुवाय, जिन्होंने आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू और पारदर्शी बनाने में सराहनीय काम किया है, भी इस सम्मान के पात्र बने। इसके अलावा, जेडीईओ गगन वर्मा और जीडीईओ वीरसिंह रघुवंशी ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और कर्मयोगी पोर्टल पर सबसे अधिक प्रशिक्षण प्राप्त कर इस उपलब्धि को हासिल किया।

यह सम्मान सिर्फ एक प्रतीकात्मक सराहना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि विदिशा जिला प्रशासन डिजिटल इंडिया और गुड गवर्नेंस के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। कर्मयोगी पोर्टल, जो कि भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, सरकारी कर्मचारियों को उनके काम से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर प्रदान करता है। यह पोर्टल ई-गवर्नेंस, पब्लिक पॉलिसी, वित्तीय प्रबंधन, और नागरिक केंद्रित सेवाएँ जैसे विषयों पर प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करता है।

कलेक्टर गुप्ता ने सभी सम्मानित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह सम्मान अन्य कर्मचारियों को भी निरंतर प्रशिक्षण से जुड़ने और अपने कौशल को निखारने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, “जब हमारे अधिकारी अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा लाभ जनता को मिलता है। यह हमारी प्राथमिकता है कि हम एक ऐसे प्रशासनिक तंत्र का निर्माण करें जो न केवल कुशल हो, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह भी हो।”

यह समारोह दर्शाता है कि विदिशा जिला प्रशासन केवल रोजमर्रा के कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने कर्मचारियों को सशक्त बनाने में भी निवेश कर रहा है। कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग करके, ये अधिकारी न केवल अपने ज्ञान का विस्तार कर रहे हैं, बल्कि आधुनिक और गतिशील प्रशासन की नींव भी रख रहे हैं। यह कदम यह भी दिखाता है कि सरकार अपने कर्मचारियों के विकास को कितनी गंभीरता से ले रही है।

जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किए जाने से इन अधिकारियों का मनोबल बढ़ा है और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को और भी अधिक उत्साह के साथ निभाने के लिए प्रेरित किया है। यह निश्चित रूप से विदिशा जिले में ई-लर्निंग और कौशल विकास की संस्कृति को बढ़ावा देगा, जिससे आने वाले समय में जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में और भी सुधार देखने को मिलेगा। यह कहानी सिर्फ एक सम्मान की नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे जिले की कहानी है जो सीखने, बढ़ने और बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए हमेशा तैयार है।

यह उपलब्धि एक नई सुबह का संकेत है, जहाँ सरकार और उसके कर्मचारी मिलकर एक मजबूत और भरोसेमंद प्रशासनिक ढाँचा बना रहे हैं। यह एक ऐसा मॉडल है जिसका अनुसरण अन्य जिले भी कर सकते हैं ताकि वे भी अपने प्रशासनिक तंत्र को और अधिक प्रभावी और कुशल बना सकें।


Share:

26