VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / जीजा-साली का रिश्ता: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सहमति से बने संबंध तो दुष्कर्म नहीं

जीजा-साली का रिश्ता: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सहमति से बने संबंध तो दुष्कर्म नहीं

2024-12-31  Editor Shubham Jain  666 views

ImgResizer_20241231_2139_08557  
राकेश जैन की ख़बर 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक विवादित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि जीजा और साली के बीच शारीरिक संबंध अनैतिक हो सकते हैं, लेकिन अगर महिला बालिग है और संबंध सहमति से बने हैं, तो इसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

क्या है मामला?

मामला कुशीनगर जिले का है, जहां एक जीजा पर आरोप था कि उसने अपनी साली को शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 376 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी रमेश यादव को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था।

कोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट की जस्टिस समीर जैन की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की कि महिला बालिग है और उसने अपने बयान में कहा कि संबंध सहमति से बने थे। कोर्ट ने कहा, "संबंध अनैतिक हो सकते हैं, लेकिन दुष्कर्म का अपराध तभी बनता है, जब महिला की सहमति न हो।"

पहले बयान बदला, फिर आरोप लगाया

पीड़िता ने पहले पुलिस के सामने दिए बयान में आरोपी पर लगे आरोपों से इनकार किया था। लेकिन बाद में कोर्ट में बयान बदलते हुए आरोपी पर आरोप लगाए। हालांकि, कोर्ट ने यह पाया कि महिला बालिग थी और उसने सहमति से संबंध बनाए थे।

आरोपी को मिली जमानत

जस्टिस जैन ने यह भी ध्यान दिया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 16 जुलाई 2024 से जेल में बंद है। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।

अनैतिक संबंध बनाम कानून

हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही जीजा और साली के बीच इस तरह का रिश्ता समाज और नैतिकता के खिलाफ हो, लेकिन अगर दोनों बालिग हैं और सहमति से संबंध बने हैं, तो इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।

यह फैसला एक बार फिर इस सवाल को उठाता है कि नैतिकता और कानून के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।


Share:

26