इंदौर। स्वच्छता में नंबर-1 शहर इंदौर अब एक खाकी धारी की 'बदज़ुबानी' और 'दबंगई' के कारण चर्चा में है। इंदौर पुलिस जहाँ एक ओर 'फ्रेंडली पुलिसिंग' का दम भरती है, वहीं रेडिसन चौराहे से सामने आई एक शर्मनाक तस्वीर ने महकमे की साख पर बट्टा लगा दिया है। ट्रैफिक विभाग के सब-इंस्पेक्टर (SI) बलराम सिंह तोमर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें वे अपनी वर्दी की हनक एक आम नागरिक पर निकालते नजर आ रहे हैं।
6 सेकंड का वीडियो, मर्यादा तार-तार
वायरल हुआ यह वीडियो महज 6 सेकंड का है, लेकिन यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर 100 सवाल खड़े करने के लिए काफी है। वीडियो में दिख रहा है कि रेडिसन चौराहे जैसे व्यस्त इलाके में SI बलराम तोमर एक बुलेट सवार युवक को रोकते हैं। मामूली बहस के बीच एसआई का पारा इतना बढ़ जाता है कि वे सारी मर्यादाएं भूलकर युवक को सरेराह गालियां देने लगते हैं। इतना ही नहीं, गुंडागर्दी की इंतहा तो तब हो गई जब साहब ने आव देखा न ताव और युवक पर लात बरसा दी।
विवादों से है पुराना नाता, वसूली के भी लग चुके हैं आरोप
सब-इंस्पेक्टर बलराम सिंह तोमर कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं; उनका विवादों से गहरा और पुराना रिश्ता रहा है। सूत्रों की मानें तो ट्रैफिक विभाग में आने से पहले वे क्राइम ब्रांच में तैनात थे। चुनाव के वक्त उन्हें उज्जैन ट्रांसफर किया गया था, लेकिन जुगाड़ के दम पर वे फिर इंदौर लौट आए।
हैरानी की बात तो यह है कि हाल ही में तोमर पर वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का डर दिखाकर अवैध वसूली करने के भी गंभीर आरोप लगे थे। ऐसे में अब सरेराह मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे 'दागी' अफसरों को मलाईदार पोस्टिंग और चौराहे की जिम्मेदारी किसके शह पर मिल रही है?
पुराना वीडियो, पर ताजा हुई करतूत
हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से दलील दी जा रही है कि यह वीडियो कुछ महीने पुराना है। लेकिन सवाल यह है कि क्या समय बीत जाने से वर्दी की गुंडागर्दी जायज हो जाती है? सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या कानून हाथ में लेने का हक सिर्फ पुलिस को है? क्या वर्दी पहनने के बाद मर्यादा और नैतिकता की कोई जगह नहीं बचती?
DCP ट्रैफिक ने दिए जांच के आदेश
वीडियो के वायरल होते ही और चौतरफा किरकिरी होने के बाद इंदौर पुलिस हरकत में आई है। डीसीपी ट्रैफिक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस 'दबंग' एसआई पर कोई सख्त कार्रवाई होती है या फिर जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
इंदौर पुलिस की छवि पर सवाल!
> “पुलिस का काम सुरक्षा करना है, दहशत फैलाना नहीं। रेडिसन चौराहे पर जो हुआ, उसने खाकी को शर्मसार किया है। उम्मीद है कि प्रशासन केवल जांच नहीं, बल्कि ठोस मिसाल पेश करेगा।”