
इंदौर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लव जिहाद के एक संगठित गिरोह के खुलासे के बाद अब यह मामला इंदौर तक पहुँच गया है। भोपाल पुलिस की सक्रियता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जो अब अपनी जांच की दिशा इंदौर की ओर मोड़ चुका है। जांच एजेंसी इस बात की तह में जा रही है कि भोपाल में पकड़े गए आरोपियों की जड़ें इंदौर तक फैली हैं या नहीं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल प्रकरण में नामित मुख्य आरोपी फरहान ने इंदौर में भी एक नाबालिग छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उससे संबंध बनाने की कोशिश की थी। यह घटना इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र की है, जहां फरहान कथित रूप से पीड़िता के किराए के मकान पर पहुंचा और ज्यादती की कोशिश की। पीड़िता ने तत्काल इसकी सूचना इंदौर पुलिस को दी थी, हालांकि रिपोर्ट न लिखवाने के कारण आरोपी उस समय कानूनी शिकंजे से बच निकला।
भोपाल SIT ने मोबाइल डेटा में पकड़ी कड़ी
भोपाल में फरहान सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब SIT ने उनके मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। इनमें एक वीडियो इंदौर की छात्रा का बताया जा रहा है। इसके बाद से SIT की निगाहें इंदौर पर भी टिक गई हैं। जांच दल अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि फरहान ने इंदौर में कितनी बार आना-जाना किया, और क्या उसने अन्य युवतियों को भी निशाना बनाया।
नाबालिग छात्रा का बयान बना जांच की दिशा
भंवरकुआं क्षेत्र की जिस छात्रा को फरहान ने निशाना बनाया, वह घटना के समय नाबालिग थी। अब SIT उस छात्रा से दोबारा संपर्क कर रही है, ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके और फरहान के खिलाफ मजबूत केस बनाया जा सके। वहीं छात्रा के सहेलियों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या फरहान उनसे भी संपर्क में था।
इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा द्वारा सूचना देने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न करना और आरोपी को खुला छोड़ देना, कहीं न कहीं एक बड़ी चूक मानी जा रही है। यदि उस समय तत्काल कार्रवाई होती तो भोपाल में हुए बड़े खुलासों से पहले ही इस गिरोह का पर्दाफाश हो सकता था।
सुनियोजित जाल और फर्जी पहचान से युवतियों को फंसाने की साजिश
SIT को शक है कि लव जिहाद का यह मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जहां आरोपी युवकों ने मुस्लिम पहचान छिपाकर हिन्दू छात्राओं से दोस्ती की और फिर उन्हें मानसिक, भावनात्मक और यौन शोषण का शिकार बनाया। सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवतियों को पहले फुसलाया गया और फिर उन्हें ब्लैकमेल किया गया।
जनता में बढ़ा आक्रोश, मांगा कठोर दंड
भोपाल और इंदौर दोनों ही शहरों में इस मामले को लेकर जनता का गुस्सा चरम पर है। सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों ने आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा देने की मांग की है। कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन भी हो चुके हैं। लोगों की मांग है कि ऐसे मामलों में ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक हलचल भी तेज़
मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। विपक्ष सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इस जांच को एक बड़ी कार्रवाई बता रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मामले की निगरानी के आदेश दिए हैं और SIT को खुली छूट दी गई है कि वह जिस भी शहर में छानबीन करना चाहे, कर सकती है।
क्या है आगे की रणनीति?
अब जब SIT इंदौर की ओर बढ़ रही है, तो आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। आरोपी फरहान के इंदौर दौरे की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है। उसके मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से उसकी गतिविधियों की तह तक जाने की कोशिश हो रही है।
भोपाल से शुरू हुई इस जांच की आंच अब इंदौर तक पहुँच चुकी है। SIT की गंभीरता और तेजी को देखकर यही कहा जा सकता है कि इस बार दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लव जिहाद के नाम पर चल रहा यह खेल अब पर्दे के पीछे नहीं रहेगा। कानून और समाज दोनों को अब सतर्क रहना होगा ताकि भविष्य में कोई मासूम युवती इस षड्यंत्र का शिकार न हो।