
भोपाल। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे को भांपते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी भोपाल में बड़ी कार्रवाई की है। करोंद इलाके से सैय्यद अदनान नाम के एक युवक को ISIS (इस्लामिक स्टेट) से जुड़े गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। अदनान पर सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार चरमपंथी और उग्रवादी कंटेंट फैलाने का आरोप है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि वह सीरिया स्थित ISIS कमांडर के सीधे संपर्क में था। इस गिरफ्तारी के बाद से केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में हाई-अलर्ट की स्थिति बन गई है।
तड़के हुई छापेमारी, आपत्तिजनक सामग्री बरामद
स्पेशल सेल की टीम ने बीते दिनों भोपाल में तड़के अचानक दबिश दी और आरोपी सैय्यद अदनान को हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान उसके घर से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, कट्टरपंथी साहित्य और गुप्त डिजिटल कंटेंट शामिल हैं। जाँच एजेंसियों का दावा है कि ये सामग्री उसकी ISIS नेटवर्क से सक्रिय भागीदारी और ऑनलाइन भर्ती अभियान चलाने की ओर इशारा करती है।
फेक प्रोफाइल 'खिलजी' और युवाओं को गुमराह करने का जाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अदनान पिछले कई वर्षों से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर कई अकाउंट्स चला रहा था। 12वीं की पढ़ाई के बाद से ही वह जिहादी विचारधारा से प्रभावित हो गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह विशेष रूप से "खिलजी" नाम की एक फेक प्रोफाइल का उपयोग करता था, जिसके माध्यम से वह युवाओं को अतिवाद के रास्ते पर ले जाने के लिए प्रेरित करता था।
वह इंटरनेट के माध्यम से उग्रवादी और हिंसक वीडियोज को इकट्ठा करता था और उन्हें गुप्त ऑनलाइन ग्रुप्स में बांटकर देश के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। स्पेशल सेल का दावा है कि अदनान 'सिग्नल' जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का उपयोग करके सीधे सीरिया स्थित ISIS नेटवर्क से संपर्क साध चुका था और उनके इशारों पर काम कर रहा था।
न्यायाधीश को धमकी देने के मामले में जा चुका है जेल
सैय्यद अदनान का आपराधिक रिकॉर्ड भी बेहद संवेदनशील है। गौरतलब है कि वह पहले भी एक गंभीर मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2024 में, उसे वाराणसी के ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले एक न्यायाधीश को सोशल मीडिया के जरिए खुलेआम धमकी देने के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस ने पकड़ा था।
उस मामले में सितंबर 2024 में जमानत मिलने के तुरंत बाद ही वह दोबारा सक्रिय हो गया और ISIS की विचारधारा से जुड़े कंटेंट को तेजी से फैलाना शुरू कर दिया था। एजेंसियों को शक है कि जमानत मिलने के बाद उसने अपने नेटवर्क को और मजबूत किया और सीधे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से जुड़ गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब आरोपी के पूरे सोशल मीडिया नेटवर्क, चैट बैकअप, फंडिंग के संभावित स्रोत और उसके द्वारा किए गए भर्ती प्रयासों की गहनता से जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस गिरफ्तारी को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी मान रही हैं।
पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि अदनान देश में सक्रिय किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का एक छोटा हिस्सा हो सकता है। जिस तरह से आतंकी संगठन सोशल मीडिया का इस्तेमाल 'ब्रेनवॉश' करने और युवाओं की भर्ती के लिए कर रहे हैं, उसे देखते हुए यह केस हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। जांच का दायरा अब भोपाल से बाहर निकलकर उसके अन्य संभावित संपर्कों तक बढ़ाया जा रहा है ताकि इस साइबर-टेरर नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके और देश को सुरक्षित किया जा सके।