
ग्यारसपुर/हैदरगढ़: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के गौरवशाली मौके पर, रविवार को ग्यारसपुर के हैदरगढ़ में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जब नगर के प्रमुख मार्गों से संघ का भव्य पथ संचलन निकला, तो हर तरफ भगवामय वातावरण छा गया और स्वयंसेवकों का विराट अनुशासन चर्चा का विषय बन गया। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन न सिर्फ स्थानीय स्तर पर चर्चा में रहा, बल्कि इसने संगठन की मजबूती और स्थानीय जनता के बीच उसके गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित किया।
अनुशासन की पहचान बना पथ संचलन
आरएसएस के इस महत्वपूर्ण आयोजन में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस संचलन में लगभग 400 से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदम ताल करते हुए शामिल हुए, हालांकि आधिकारिक सूचना में 40 स्वयंसेवकों का उल्लेख है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या कहीं अधिक थी। इन स्वयंसेवकों का कदम-ताल, कतारबद्धता और उच्च अनुशासन संगठन की पहचान को पुष्ट कर रहा था।
पथ संचलन की शुरुआत 'राज मंदिर' से हुई। संचलन शुरू होने से पहले, स्वयंसेवकों को जिला प्रचारक विशाल सेन ने 'बौद्धिक' (दिशा निर्देश) दिया। इस बौद्धिक में संघ के मूल्यों, राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका और शताब्दी वर्ष के संकल्पों पर मार्गदर्शन किया गया। बौद्धिक सत्र के बाद, जोश और अनुशासन से लबरेज स्वयंसेवकों का संचलन नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ वापस राज मंदिर पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
पुष्प वर्षा से हुआ भव्य स्वागत
पथ संचलन के दौरान हैदरगढ़ की जनता ने भी अपना अभूतपूर्व उत्साह दिखाया। पूरे शहर में जगह-जगह मंच बनाकर स्थानीय निवासियों ने स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की। यह दृश्य स्थानीय लोगों और संघ के स्वयंसेवकों के बीच के सौहार्दपूर्ण रिश्ते को दर्शाता है। संचलन के पूरे मार्ग को भगवा ध्वज से सजाया गया था, जिससे पूरा नगर देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव के रंग में रंगा नजर आया।
प्रशासन और संगठन का सफल समन्वय
इस विशाल आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने में प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्था हेतु नायब तहसीलदार राजेंद्र सेन सहित थाना प्रभारी और हैदरगढ़ पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा। इसके अतिरिक्त, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भी विशेष योजना बनाई गई थी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वयंसेवकों के उच्च अनुशासन और प्रशासन के सहयोग के कारण, पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा। यह दर्शाता है कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता के लिए संगठन और प्रशासन का समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है।
इस अवसर पर विभाग कार्यकारिणी सदस्य राम कमल रघुवंशी और जिला प्रचारक विशाल सेन सहित सैंकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में राष्ट्र और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हैदरगढ़ का यह पथ संचलन संघ के शताब्दी वर्ष में एक मजबूत, अनुशासित और समर्पित संगठन की शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्वयंसेवकों में नया उत्साह भरने वाला था, बल्कि यह आम जनता को भी राष्ट्रीय एकता और अनुशासन का संदेश देता है।