
बदायूं, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। एक नई-नवेली दुल्हन शादी के महज कुछ ही दिनों बाद अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई, और जब सच्चाई सामने आई, तो पति ने जो कहा, वह सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। हनीमून के लिए नैनीताल जाने का सपना देख रहे पति को क्या पता था कि उसकी किस्मत में कुछ और ही लिखा है।
यह कहानी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है, जहां प्यार, धोखा और एक अप्रत्याशित मोड़ सब कुछ एक साथ देखने को मिला। मामला बदायूं के बिसौली कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है।
9 दिन ससुराल, फिर सीधा प्रेमी के पास!
बदायूं जिले के मौसमपुर निवासी सुनील की शादी 17 मई को बिसौली थाना क्षेत्र की खुशबू से हुई थी। 18 मई को खुशबू विदा होकर सुनील के घर आई। शादी की रस्में, नए रिश्ते की शुरुआत, सब कुछ हंसी-खुशी चल रहा था। खुशबू 9 दिनों तक अपने ससुराल में रही, लेकिन उसके बाद वह अपने मायके चली गई। परिजनों ने बताया कि यहीं से कहानी में ट्विस्ट आया। खुशबू अपने मायके से सीधा अपने प्रेमी के साथ भाग निकली। किसी को कानों-कान खबर तक नहीं लगी।
पति सुनील ने जब अपनी पत्नी के गुमशुदा होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई, तो पुलिस ने अपनी तलाश शुरू की। यह पूरा मामला और भी दिलचस्प हो गया जब सोमवार को खुशबू खुद बिसौली थाने पहुंच गई। वहां उसने जो कहा, उसने सबको सन्न कर दिया – “मैं अब अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती हूं।”
थाने में ही हुआ 'प्रेम कहानी' का फैसला
यह सुनकर दोनों पक्षों के परिवार थाने में जमा हो गए। घंटों की गहमागहमी के बाद, एक ऐसा समझौता हुआ जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। दोनों पक्षों की आपसी सहमति से शादी के समय दिए गए आभूषण और अन्य सामान एक-दूसरे को लौटा दिए गए। हैरान करने वाली बात यह थी कि इस पूरे मामले में किसी भी पक्ष ने पुलिस से कोई कानूनी कार्रवाई करने की मांग नहीं की। यह फैसला बताता है कि कैसे कुछ रिश्ते अचानक एक ऐसे मोड़ पर आ जाते हैं, जहां कानूनी दांव-पेच की जगह आपसी सहमति ही अंतिम उपाय बन जाती है।
पति का चौंकाने वाला बयान: “मैं राजा रघुवंशी बनने से बच गया!”
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा बयान आया पति सुनील की तरफ से। उसने बताया, "मैंने पत्नी के विदा होने के बाद नैनीताल हनीमून पर ले जाने का प्लान बनाया था।" आमतौर पर ऐसी स्थिति में पति का दिल टूट जाता है, लेकिन सुनील ने जो कहा, उसने सबको चौंका दिया। उसने हंसते हुए कहा, “लेकिन जब उसे अपने प्रेमी के साथ रहना है तो मैं भी खुश हूं। अच्छा हुआ मैं राजा रघुवंशी बनने से बच गया! अब हम तीनों खुश हैं – पत्नी और उसके प्रेमी को प्रेम मिल गया और मेरी जिंदगी भी बर्बाद होने से बच गई।”
सुनील का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि उसने इस घटना को एक अलग ही दृष्टिकोण से देखा। 'राजा रघुवंशी' एक प्रचलित मुहावरा है, जिसका अर्थ है अपनी पत्नी को त्यागना, जैसा कि भगवान राम ने सीता के साथ किया था। सुनील ने इस बयान से साफ किया कि वह अपनी पत्नी को जबरदस्ती रोककर अपनी और उसकी जिंदगी बर्बाद नहीं करना चाहता था। उसने इसे अपनी खुशकिस्मती समझा कि एक ऐसे रिश्ते से बाहर निकल गया, जिसकी नींव शायद कभी मजबूत थी ही नहीं।
दुल्हन की भाभी राधा ने भी थाने में अपनी बात रखी, “हमने अपने देवर की शादी की थी। लड़की हमारे घर 8 दिन रही, फिर मायके चली गई। वहां से वो अपने गांव के ही प्रेमी के साथ भाग गई। अब थाने आकर हमने यही कहा- जो सामान दिया था, वो हमें वापस कर दो। उन्होंने भी सामान लौटा दिया है, हमने भी दे दिया। समझौता हो गया है और अब लड़की अपने प्रेमी के साथ चली गई है।”
पुलिस का अंतिम बयान
बिसौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि दोनों पक्षों का मामला उनके सामने आया था। दुल्हन अपने पति के साथ रहने को तैयार नहीं थी और अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद कर रही थी। दोनों परिवारों की आपसी सहमति से सामान का आदान-प्रदान कर वापस कर दिया गया। लिखित में सारा सामान वापस कर दिया गया है और दुल्हन कोतवाली से ही अपने प्रेमी के साथ चली गई है। लड़के वाले भी अपने घर वापस चले गए हैं। अब दोनों पक्षों में सुलह हो चुकी है और पुलिस थाने में इस पर सहमति दर्ज की गई है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि रिश्ते कितने अप्रत्याशित हो सकते हैं। कभी-कभी, अनचाहे मोड़ पर आने के बाद भी, आपसी समझदारी और एक-दूसरे की खुशी को प्राथमिकता देना ही सबसे अच्छा रास्ता होता है। सुनील ने जो परिपक्वता दिखाई, वह वाकई काबिले तारीफ है।