
विदिशा पूरनपूरा की गलियों में शनिवार को उस वक्त मातम पसर गया जब खेलते बच्चों पर अचानक कहर बनकर टूटा हाई टेंशन लाइन का टूटा हुआ तार। गली नंबर 4 में रोज की तरह हंसी-ठिठोली कर रहे मासूमों की जिंदगी एक झटके में झुलस गई।
हादसा जो रुला गया!
तेज आवाज और चिंगारी के साथ गिरी हाई वोल्टेज लाइन, और पलभर में तीन मासूम करंट की चपेट में आ गए। 12 साल का हर्ष 80% तक झुलस गया है, उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं 10 साल का आयुष और 8 साल का यश भी बुरी तरह घायल हैं। तीनों को आनन-फानन में जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
चीख-पुकार से दहला मोहल्ला
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर लोग घरों से बाहर भागे, किसी ने लाठी से तार हटाया तो कोई बच्चों को गोद में लेकर भागा। लोगों की सूझबूझ से बड़ा हादसा और विकराल रूप नहीं ले सका।
लापरवाही की चिंगारी, जिम्मेदार कौन?
परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही ने उनके बच्चों को मौत के मुंह में पहुंचा दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस लाइन में पहले भी चिंगारियां निकलती रही थीं, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद लीं। अब सवाल ये उठता है—क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी या हादसे यूं ही होते रहेंगे?
आखिर कब जागेगा सिस्टम?
बिजली विभाग की नींद अब टूटेगी या एक और हादसे का इंतजार है? मासूमों की जली हुई उम्मीदें पूछ रही हैं – क्या हमारी गलियों में खेलना अब खतरे से खाली नहीं?
पूरनपूरा की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर शहर की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।