राकेश जैन ग्वालियर/भोपाल । ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में रहने वाले चार युवकों ने साइबर ठगी के शातिर गिरोह को ही ठगने की कोशिश की, लेकिन खुद ही मुसीबत में फंस गए। इन युवकों ने इंटरस्टेट ठगों को बंद बैंक खाते, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड बेचकर पैसे कमा लिए। लेकिन ठगों को जब यह चालाकी समझ में आई, तो उन्होंने युवकों को हरियाणा के होडल में बुलाकर फंसा लिया।
ठगों ने न केवल युवकों से वसूली की, बल्कि खुद ही पुलिस को इनकी जानकारी देकर पकड़वा दिया। होडल पुलिस ने इन युवकों को बैंक खाते बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब डबरा थाने की पुलिस इनकी तलाश करते हुए हरियाणा पहुंची।
घटना का पर्दाफाश ऐसे हुआ
डबरा के रहने वाले रमन साहू और विकास साहू, अपने दो नाबालिग साथियों के साथ दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले थे। अचानक उनके मोबाइल बंद हो गए, जिससे परिवार घबरा गए और डबरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। एक साथ चार युवकों के लापता होने की खबर ने पुलिस को भी परेशान कर दिया।
थाना प्रभारी यशवंत गोयल और उनकी टीम ने साइबर सेल की मदद से युवकों की लोकेशन ट्रैक की। लोकेशन हरियाणा के होडल की निकली। वहां पहुंचने पर पता चला कि युवक पुलिस हिरासत में हैं।
लालच का खेल
जांच में पता चला कि युवकों ने करीब 10 लोगों के बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड ठगों को बेचने के लिए जुटाए थे। ये खाते आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़े-लिखे लोगों से किराए पर लिए गए थे। ठगों को दिए गए पहले खाते ब्लॉक निकले, जिससे गुस्साए ठगों ने इन्हें फंसा दिया।
पुलिस अब युवकों और इंटरस्टेट ठगों के बीच हुई पूरी साजिश की जांच कर रही है। इस मामले में दो आरोपित नाबालिग होने की वजह से विशेष ध्यान रखा जा रहा है।