
भोपाल (मध्यप्रदेश)। राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में पुलिस ने 4 साल से फरार चल रहे भूमाफिया गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों में एक जिम ट्रेनर महिला भी शामिल है, जिसने पीड़िता के नाम पर फर्जी पहचान बनाकर प्लॉट की अवैध रजिस्ट्री कराई थी। इस मामले में पहले से 3 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि 3 अन्य फरार थे। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता हाथ लगी है।
क्या है मामला?
दिनांक 4 जनवरी 2021 को फरियादिया मोना शुक्ला ने मिसरोद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके सगे भाई अमित शुक्ला ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया है। प्लॉट क्रमांक 18 और 19, ग्राम सलैया स्थित त्रिभुवन कॉलोनी का अर्धभाग, आरोपी अमित शुक्ला ने अनिल सिंह, विपिन सिंह, सर्वेश यादव और कमलेश ठाकुर के साथ मिलकर फर्जी महिला को 'मोना शुक्ला' बनाकर सत्यम टोरिया नामक व्यक्ति को बेच दिया।
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आरोपियों ने मोना शुक्ला के नाम पर नकली महिला खड़ी की और पीड़िता की आधार और पैन कार्ड की कॉपी से फर्जी दस्तावेज़ तैयार कराए। इसके बाद फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर सर्वेश यादव के नाम रजिस्ट्री कर दी गई और बदले में 24 लाख रुपये की रकम वसूल कर ली गई। इस राशि को आरोपियों ने आपस में बांट लिया और पीड़िता को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पुलिस ने कैसे दबोचे चार साल से फरार आरोपी?
प्रकरण दर्ज होने के बाद 2021 में पुलिस ने तीन आरोपियों—अमित शुक्ला, अनिल सिंह और कमलेश ठाकुर—को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन सर्वेश यादव, विपिन सिंह ठाकुर और तथाकथित 'मोना शुक्ला' नामक महिला फरार चल रही थी। तीनों पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को आरोपियों की तलाश में कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था, क्योंकि सभी ने अपने मोबाइल बंद कर दिए थे और पहचान छिपा ली थी।
मिसरोद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की मदद से आखिरकार फरार आरोपी सर्वेश यादव को सीहोर जिले के रेहटी थाना क्षेत्र के ग्राम बोरघाटी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बाकी आरोपियों का पता बताया।
जिम ट्रेनर निकली फर्जी मोना शुक्ला
सर्वेश यादव की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी विपिन सिंह ठाकुर को करोंद क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि तथाकथित 'मोना शुक्ला' असल में खुशी परौउहा नामक महिला है, जो पेशे से जिम ट्रेनर है और गैलेक्सी जिम सेंटर, पीपल चौराहा, करोंद में काम करती है। पुलिस ने महिला बल के साथ जिम सेंटर पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार किया।
पूछताछ में खुशी परौउहा ने स्वीकार किया कि उसे पैसे देकर मोना शुक्ला बनाया गया था और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई गई थी। उसने बताया कि उसे सिर्फ "डॉक्यूमेंट पर साइन करने और पहचान बनने के लिए" शामिल किया गया था।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराएं
सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जी दस्तावेज़ बनाना), 468 (धोखाधड़ी के इरादे से दस्तावेज़ बनाना), 471 (फर्जी दस्तावेज़ का उपयोग), और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बरामद सामग्री और जप्त दस्तावेज़
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी दस्तावेज
बैंक खाता विवरण (IDFC First Bank मंडीदीप)
मोना शुक्ला के नाम पर बनाया गया फर्जी पहचान पत्र
अभियुक्तों का विवरण
1. सर्वेश यादव – उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम बोरघाटी, जिला सीहोर
2. विपिन सिंह ठाकुर – उम्र 32 वर्ष, निवासी सागरधाम कॉलोनी, मालीखेड़ा, भोपाल
3. खुशी परौउहा उर्फ तथाकथित मोना शुक्ला – उम्र 34 वर्ष, निवासी विश्वकर्मा नगर, निशातपुरा, भोपाल
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी मिसरोद निरीक्षक मनीष राज सिंह, उप निरीक्षक राजकुमार गुप्ता, प्रेमचंद द्विवेदी, प्रधान आरक्षक अशोक तोमर, आरक्षक योगेन्द्र कुशवाहा और आशीष गौर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
न्याय की जीत, भूमाफियाओं पर सख्त शिकंजा
भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों को अब बख्शा नहीं जाएगा। भूमाफिया चाहे जितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की सख्ती के आगे उनकी हर चाल धरी की धरी रह गई। यह कार्रवाई शहर में सक्रिय अन्य जालसाजों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।