अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां विकास कार्य को लेकर दो जनप्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। ग्राम पंचायत बरबसपुर में सीसी रोड निर्माण को लेकर चल रहा विवाद इतना बढ़ गया कि पंच और उसके भाई ने मिलकर सरपंच की सरेआम पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
क्या है पूरा विवाद? 1 लाख की 'रिश्वत' या ठेकेदारी की जिद?
मामला अनूपपुर जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत बरबसपुर का है। यहां 6 लाख 21 हजार रुपये की लागत से 156 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। आरोप है कि इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय पंच पति और सरपंच विशाहुलाल रौतेला के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी।
सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की दो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं:
* कमीशन की मांग: आरोप है कि पंच पति द्वारा रोड निर्माण शुरू करने के बदले सरपंच से 1 लाख रुपये के कमीशन की मांग की गई थी।
* ठेकेदारी का मोह: पंच पति चाहता था कि वह स्वयं अपने मजदूरों से इस रोड का निर्माण कराए।
जब सरपंच ने इन दोनों ही नाजायज मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
तहसीलदार की समझाइश भी रही बेअसर
यह विवाद नया नहीं है। सरपंच विशाहुलाल रौतेला ने पहले भी सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत 16 दिसंबर को कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। इसके अलावा, नायब तहसीलदार को भी लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत के बाद तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी थी और काम सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए थे।
घर के सामने पहुंचते ही रोका काम, फिर शुरू हुई मारपीट
प्रशासनिक दखल के बाद काम तो शुरू हुआ, लेकिन जैसे ही सीसी रोड का निर्माण पंच के घर के पास पहुंचा, पंच और उसके समर्थकों ने काम को पूरी तरह रुकवा दिया। जब सरपंच विशाहुलाल रौतेला रुके हुए कार्य को दोबारा शुरू कराने मौके पर पहुंचे, तो पंच और उसके भाई ने उन पर हमला कर दिया।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह जनप्रतिनिधियों के बीच मर्यादा की सीमाएं लांघी गईं। मारपीट के बाद घायल सरपंच ने एसटी-एससी थाना अनूपपुर में मामला दर्ज कराया है।
प्रशासनिक साख पर सवाल?
जिला मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद एक सरपंच के साथ इस तरह की मारपीट होना कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विकास कार्यों में इसी तरह 'कमीशन' और 'ठेकेदारी' का हस्तक्षेप रहेगा, तो गांव का विकास कैसे होगा? फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।