
बरेली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने पुलिस की वर्दी पहनकर न केवल लोगों को धोखा दिया, बल्कि अफसर बनकर शादी भी कर ली। लेकिन जब झूठ की इमारत ढही, तो सामने आया कि उसके पास ना कोई नौकरी थी, ना ही कोई ट्रेनिंग—सब कुछ फर्जी था: वर्दी से लेकर पहचान पत्र तक।
फर्जी वर्दी में रचाई असली शादी
गिरफ्तार युवक की पहचान शहजाद अहमद पुत्र मुस्ताक अहमद के रूप में हुई है, जो बरेली कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई कर चुका है। मोहल्ले की एक युवती इकरा से उसका प्रेम संबंध था, लेकिन इकरा के परिवार की अफसर दामाद की ख्वाहिश ने शहजाद को फर्जी पहचान अपनाने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद उसने एक पूरी स्क्रिप्ट तैयार की।
यूट्यूब पर पुलिस अधिकारियों की वीडियो देखकर चाल-ढाल सीखी, मुरादाबाद में एक टेलर से इंस्पेक्टर की वर्दी सिलवाई और फिर फेसबुक व इंस्टाग्राम पर फोटो-वीडियो अपलोड कर खुद को सब-इंस्पेक्टर दिखाने लगा। पुलिस परीक्षा में असफल होने के बावजूद, CGL की लिस्ट से मिलता-जुलता नाम खोजकर एडिट किया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए।
सोशल मीडिया बना झूठ का हथियार
फर्जी अफसर बनने की स्क्रिप्ट को शहजाद ने सोशल मीडिया पर शानदार तरीके से प्रचारित किया। जब वह पहली बार वर्दी पहनकर गांव पहुंचा तो लोग उसे सच्चा इंस्पेक्टर मान बैठे। स्थानीय यूट्यूबरों ने उसका इंटरव्यू लिया और वीडियो वायरल हो गए। कई जगह उसे सम्मानित भी किया गया।
मोहल्ले में "इंस्पेक्टर साहब" के नाम से मशहूर हो चुका शहजाद हर रोज अपनी लोकप्रियता का फायदा उठा रहा था। लेकिन हकीकत ये थी कि उसके पास न कोई ट्रेनिंग थी और न ही सरकारी नौकरी।
शादी के बाद खुलने लगा राज
जब इकरा के परिवार ने शहजाद से शादी कराई, उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह एक फर्जी इंस्पेक्टर को दामाद बना रहे हैं। शादी के कुछ महीनों के भीतर ही सच्चाई सामने आने लगी। शहजाद न नौकरी पर जाता, न किसी ऑफिस में उसकी पोस्टिंग थी। धीरे-धीरे उसने दहेज के लिए इकरा को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
इकरा ने हिम्मत करके बारादरी थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। जब पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की, तो पता चला कि आरोपी 300 बेड अस्पताल में इलाज के बहाने छिपा हुआ है।
अस्पताल से हुई गिरफ्तारी, मिले फर्जी दस्तावेज
पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से दो वर्दियाँ, कैप, नेम प्लेट, बेल्ट, दो फर्जी आधार कार्ड और दो फर्जी पुलिस आईडी बरामद हुईं।
थानाध्यक्ष धनंजय पांडे ने बताया कि शहजाद अहमद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें—
पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग,
झूठ बोलकर शादी करना,
धोखाधड़ी और
दहेज उत्पीड़न शामिल हैं।
टीम को मिलेगा इनाम, बड़ा खुलासा
इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने वाली बारादरी थाने की टीम को इनाम दिया जाएगा। टीम में प्रमुख रूप से दरोगा रोहित शर्मा, सौरभ, मोहित, कांस्टेबल प्रदीप और महिला कांस्टेबल पारुल शामिल थीं।
प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडे की अगुवाई में हुई यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और गंभीर मामलों को समय रहते पकड़ने की क्षमता को दर्शाती है। इस मामले ने यह भी साफ कर दिया कि सोशल मीडिया के जरिए खुद की झूठी पहचान बनाना आज के समय में कितना आसान और खतरनाक हो चुका है।
बरेली में सामने आया यह फर्जी इंस्पेक्टर कांड समाज के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमक-दमक के पीछे कई बार सच्चाई नहीं होती। साथ ही यह घटना पुलिस विभाग और आम जनता के बीच भरोसे की गंभीर परीक्षा भी है।