
राकेश जैन की ख़बर अमेठी। कहते हैं, शौक इंसान को कहीं का नहीं छोड़ता। ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया मुसाफिरखाना रेलवे स्टेशन पर, जहां पुलिस ने एक नकली दरोगा को रंगे हाथों धर दबोचा। ये साहब नकली वर्दी पहनकर लोगों पर रौब झाड़ रहे थे और अवैध वसूली कर रहे थे।
दरोगा बनकर की थी शादी, और दहेज में मिली थी कार!
इस नकली दरोगा, प्रमोद, ने वर्दी का इस्तेमाल सिर्फ डराने-धमकाने तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि अपनी शादी तक में इसका खूब फायदा उठाया। शादी के कार्ड पर भी 'यूपी पुलिस' का नाम छपवा लिया और वर्दी का रौब दिखाकर कार और लाखों की नगदी दहेज में ऐंठ ली।
कैसे बना नकली दरोगा?
प्रमोद, जो पुलिस में भर्ती होना चाहता था, पढ़ाई में कमजोर था और भर्ती नहीं हो सका। लेकिन पुलिस बनने का जुनून ऐसा सिर चढ़ा कि उसने एक दुकान से वर्दी खरीद ली और वर्दी में लगने वाला सारा सामान अलग-अलग दुकानों से इकट्ठा कर लिया। वर्दी पहनकर वो खुद को असली दरोगा बताने लगा।
घर वालों को भी यही यकीन दिलाया कि वो दरोगा बन गया है। इस झूठी कहानी पर परिवार ने उसकी शादी पास के गांव की लड़की से तय कर दी। शादी में वर्दी का रुतबा दिखाकर प्रमोद ने कार, 10 लाख रुपए नकद और अन्य कीमती सामान दहेज में लिया।
रेलवे स्टेशन पर दिखा असली ड्रामा!
आज सुबह मुखबिर की सूचना पर मुसाफिरखाना पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन पर धर दबोचा। प्रमोद, वर्दी पहनकर ट्रेन से उतर रहे यात्रियों को धमका रहा था और गाड़ियों की पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था।
मुसाफिरखाना थाना प्रभारी विवेक सिंह ने बताया कि आरोपी प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के कोदौली दादरा गांव का रहने वाला है। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शौक ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
दरोगा बनने का ख्वाब पाले प्रमोद का ये शौक उसे जेल तक पहुंचा चुका है। नकली वर्दी के सहारे उसने जो रुतबा और पैसा कमाया, अब उसकी असलियत सबके सामने है।